लखीमपुर खीरी से एक बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें 13 साल का बच्चा अपने परिवार की परेशानी की शिकायत लेकर अकेले ही जिला मजिस्ट्रेट के सामने पहुंच गया था।
इसके बाद कमरे का ताला खुलवाने की गुहार लगाने वाले कक्षा 8वीं के छात्र के मामले में डीएम के निर्देश पर पुलिस ने जांच की। जांच में पता चला कि मामला कमरे के ताले का नहीं, बल्कि पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा है। वहीं छात्र की मां ने बताया कि बेटा पढ़ाई में रुचि नहीं लेता, जबकि विवादित कमरा पहली पत्नी के बेटे के हिस्से का है। मां ने आगे कहा कि इसका ध्यान पढ़ाई में नहीं लगता है, कहता है कि इस स्कूल ने उस स्कूल में एडमिशन करा दो, बताइए हम यही करते रहेंगे। यह ठीक से पढ़ता नहीं है बकैती ज्यादा करता है। तहसील हमने नहीं भेजा था, हम चावल साफ कर रहे थे यह पहुंच गया। दो-तीन घंटे हो गए तो हम खोज रहे थे। हमारा मकान है कबाड़ा हटवा दीजिए, हम अपनी जमीन किसी के नाम कैसे कर दें पति कमाता नहीं है। इसके देखिए जरा पढ़ ले ठीक से वरमा कैसे क्या होगा। बच्चे की मां के साथ वहीं कुछ अन्य महिलाएं भी थीं। हालांकि कुछ लोगों ने कमेंट किया है डरा धमका कर यह सब बुलवाया जा रहा है।
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दरअसल, समस्या के समाधान के लिए लोगों की शिकायतें सुनने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में 13 साल के अमिताभ गुप्ता ने पारिवारिक संपत्ति के विवाद को लेकर ज़िला मजिस्ट्रेट के सामने बेबाकी अंदाज में अपना बात रखी थी।
वह सबके सामने बड़े आराम से अपनी बात बता रहा है उसके अंदर का डर का कोई भाव नहीं था। उसके चेहरे पर परिवार की चिंता साफ झलक रही थी साथ ही वह अपने परिवार की आर्थिक तंगी और शिकायतों पर ध्यान न दिए जाने से निराश था, यह बातचीत देखते ही देखते वायरल हो गई।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आम लोगों की शिकायतों की सुनवाई के दौरान एक अजीबो गरीब घटना हुई, जब 13 साल के इस लड़के ने जिला मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह को निडर होकर चुनौती दी। उसने परिवार की संपत्ति के विवाद पर तुरंत कार्रवाई की मांग की और प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए।
जब DM ने पूछा कि क्या वह अकेला आया है तो लड़के ने आत्मविश्वास के साथ बताया कि उसके पिता मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं, उसकी मां परिवार का खर्च चलाने के लिए दूसरों के घरों में काम करती हैं और बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई राहत नहीं मिली है। उसने कहा कि घर के बंद हिस्से को किराए पर दिया जा सकता है, जिससे उसकी और उसकी बहन की पढ़ाई का खर्च निकल आएगा। हालांकि जब पुलिस लड़के के घर पहुंची है तो मां ने दूसरी कहानी बताई है।
बातचीत में तब एक नया और नाटकीय मोड़ आया था जब DM ने लड़के को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी। अमिताभ ने जवाब दिया कि पढ़ाई के लिए पैसे की ज़रूरत होती है और सवाल किया कि जब उसकी मां महीने में सिर्फ़ 3,000 रुपये कमाती हैं तो उसका परिवार किताबें और दूसरे खर्च कैसे उठा सकता है। उसने यह भी आरोप लगाया कि पहले की गई शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और स्थानीय अधिकारियों पर आदेशों को नजरंदाज करने का आरोप लगाया, उसने अपने घर का ताला खुलवाने की मांग की थी।
जब डीएम ने कोतवाल से कहा कि बच्चे का काम देख लो, तो बच्चे ने तुरंत जवाब दियाथा “दिखवा नहीं, ताला खुलवा दीजिए।” बच्चे ने आगे कहा “आप लोगों को तो बस कमीशन दे दो, फिर काम हो जाता है।” बच्चे की इस बात पर वहां मौजूद कुछ अधिकारी मुस्कुराते नजर आए वहीं डीम साहब भी लाजवाब हो गए थे।
DM ने लड़के से कहा कि वह आपत्तिजनक बातें न कहे और उसे याद दिलाया कि उसकी प्राथमिकता पढ़ाई होनी चाहिए। साथ ही उसे भरोसा दिलाया कि उसकी शिकायत की जांच की जाएगी। उन्होंने स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर को निर्देश दिया कि वे खुद मौके पर जाकर विवाद की जांच करें।
हालांकि इस वीडियो के बाद बच्चे की मां का रिएक्शन भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहती नजर आ रही हैं कि यह पढ़ाई कम और बकैती ज्यादा करता है। खैर, इस खबर पर आपकी क्या राय है?
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