चुनाव की ताकत देखिए यह जो ना करा दे… सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह तस्वीर राजस्थान के कोटा में नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 33 के एक निर्दलीय उम्मीदवार की है। जो वोट मांग रहे हैं, इस समय घर के बाहर बर्तन धो रही एक महिला के पास वे पहुंचते हैं और खुद भी साबुन लेकर बर्तन मांजने लगते हैं। यह देख महिला हैरान हो जाती हैं और हंसने भी लगती हैं। इसके बाद उम्मीदवार उस महिला के पैर छूकर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। अब यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

यहां निर्दलीय उम्मीदवार कृष्ण मुरारी कहार वोट पाने की कोशिश में एक महिला के साथ बर्तन धोते हुए दिख रहे हैं। कोटा के वार्ड 33 में अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को देखने के बाद लोग तरह-तरह की प्रक्रिया दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों के मजेदार कमेंट्स

दरअसल, पार्षद को स्थानीय लोगों से वोट मांगते समय खुद बर्तन धोते हुए देखा गया। चुनाव प्रचार का यह अनोखा नज़ारा जल्द ही लोगों का ध्यान खींचने लगा और इलाके में चर्चा का विषय बन गया। आम भाषण देने के बजाय, पार्षद ने घर के कामों में मदद करके लोगों से जुड़ने का तरीका अपनाया। हालांकि लोगों ने कमेंट कर यह भी कहा है कि चुनाव जो ना करा दे, क्या अपने घरों में ये नेता लोग मदद कराते हैं।

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यह दृश्य दिखाता है कि चुनाव के दौरान स्थानीय नेता वोटरों से जुड़ने के लिए अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं। लोग इसे सच्ची जनसेवा मानें या प्रचार की कोई चालाक चाल, इस घटना ने स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया यूज़र्स के बीच ज़रूर चर्चा पैदा कर दी है।

डिस्क्लेमर: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से है। जनसत्ता वायरल VIDEO की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। यह खबर केवल जानकारी और चुनावी चर्चा के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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उज्जैन के खड़े हनुमान टस से मस नहीं हुए…इस खबर की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. इससे जुड़े वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। चलिए बताते हैं कि माजरा क्या है, जब सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट के रास्ते में कोई ऐसी मूर्ति आ जाए जिसे हटाया न जा सके, तो क्या होता है? उज्जैन में कर्मचारियों ने मंदिर का ढांचा तो गिरा दिया है, लेकिन ‘खड़े हनुमान’ की मूर्ति को हटाने की बार-बार की कोशिशें नाकाम रही हैं। अब भक्त इसे ईश्वरीय संकेत मान रहे हैं, कई लोग इसे चमत्कार बता रहे हैं। कई का कहना है कि हनुमान जी अपना स्थल नहीं बदलना चाहते हैं जबकि अधिकारी विशेषज्ञों की मदद ले रहे हैं। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…