पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को सोशल मीडिया साइट एक्स से अनफॉलो कर दिया है। राज्य की पुलिस अब अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से केवल 44 लोगों को ही फॉलो करती है, जो राज्य में सत्ता परिवर्तन की सच्चाई बयां कर रही है।
कोलकाता पुलिस अब नए मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी, मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, लोक, एचएमओ, पीएमओ इंडिया, नरेंद्र मोदी और कुछ अन्य लोगों को एक्स पर फॉलो करती है। यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आई जब चुनाव में हार के बात ममता और अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर से सुरक्षा भी घटा दी गई है।
पुलिस ने घटा दी थी सुरक्षा
पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने सुरक्षा में कमी को संसाधनों का समय के हिसाब से सही ढंग से इस्तेमाल बताया, ना कि सुरक्षा पूरी तरह हटाना। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अब भी जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल रही है। हटाई गई सुरक्षा केवल अतिरिक्त “एरिया सिक्योरिटी” थी, जिसमें भारी पुलिस तैनाती और लोहे के बड़े बैरिकेड शामिल थे। बैरिकेडिंग की वजह से ममता बनर्जी के घर के समीप हरिश चटर्जी स्ट्रीट लगभग वर्षों से बंद पड़ा था।
अभिषेक बनर्जी के आवास के पास बने पुलिस कियोस्क भी हटा दिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इलाके में सामान्य स्थिति लौटती दिख रही है क्योंकि उन्हें घर जाने के लिए पहचान पत्र दिखाने या लंबे रास्ते से घूमकर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही। इधर, पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादलों और “बदले की कार्रवाई” वाली पदोन्नतियों की अफवाहें व्हाट्सऐप ग्रुप्स में फैलने लगीं। इसके बाद कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने चेतावनी जारी की।
कोलकाता ने एक्स पर कहा, “ट्रांसफर और प्रमोशन की कथित सूचियां पूरी तरह फर्जी हैं। कोलकाता पुलिस इस तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर नजर रख रही है और कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।”
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार जीत हासिल की। पार्टी को राज्य में कुल 207 सीटें मिली, जो बहुमत का आंकड़ा 148 से कहीं ज्यादा है। चुनाव परिणाम की अगर विवेचना करें तो यह स्पष्ट दिखता है कि पूरे राज्य में पार्टी ने खुद को काफी मजबूत कर लिया। खासकर बांग्लादेश सीमा से लगे इलाकों में भाजपा ने अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है। 2021 विधानसभा चुनाव के मुकाबले भाजपा ने इस बार के चुनाव इन सीमावर्ती क्षेत्र में 11 सीटों अधिक जीती हैं। पूरी खबर पढ़ें….
