ताज़ा खबर
 

कश्मीर के आईएएस टॉपर ने कहा सरकारी नौकरी है गुलामी तो साथी आईपीएस ने जमकर लताड़ा

जुलाई 2016 में जब कश्मीर में अशांति फैली हुई थी, तब भी डॉ. फैजल और मिश्रा के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग हुई थी।

आईएएस अधिकारी डॉ. शाह फैजल और आईपीएस अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा।

कश्मीर के ब्यूरोक्रेट्स और साल 2010 के आईएएस टॉपर डॉ. शाह फैजल ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर एक बार फिर विवाद खड़ा किया है। फैजल सरकारी नौकरी को दिमाग, आंखें, जीभ, हाथ और पैरों की गुलामी बताया है। फैजल 14 मार्च को अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा था, ‘मेरे पास स्टार्टअप और खुद का काम करने वाले युवाओं को सपोर्ट करने की मजबूत वजह है। यह लोगों को पूरी आजादी देती है। सरकारी नौकरी दिमाग, आंखें, जीभ, हाथ और पैरों की गुलामी है।’

जहां कई लोग फैजल की पोस्ट को लेकर बहस कर रहे हैं, वहीं एक युवा आईपीएस अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने डॉ. फैजल को करारा जवाब दिया है। एमबीए ग्रेजुएट मिश्रा अभी बतौर एसएसपी उधमपुर कार्यरत हैं। मिश्रा चाहते हैं कि युवा अपने सपनों का पीछा करें और सरकारी नौकरी करें। मिश्रा ने फैजल को जवाब देते हुए लिखा है, ‘मैं सात साल से सरकारी नौकरी कर रहा हूं। इससे पहले मैं एक एंटरप्रनोर और कॉरपॉरेट कर्मचारी के तौर पर काम कर चुका हूं। सरकारी नौकरी की वजह से मेरी बुद्धी बढ़ी, मेरे तर्क तेज हुए हैं, मुझे प्रयोग के लिए बड़ा कैनवास मिला है। एक कर्मचारी के तौर पर में कोई भी दूसरी नौकरी कर सकता था। इसने मुझे यह यकीन दिलाया कि यह सिर्फ फायदे के लिए नहीं है, बल्कि मानव सेवा के बारे में भी है, जो आपको अच्छा महसूस कराता है और सबसे विशेष बात यह है कि यह मुझे मेरे ऐसे लोगों के बहुत करीब लाता है, जिनकी मेरे अलावा उनकी कोई आवाज नहीं है।’

साथ ही मिश्रा ने लिखा है, ‘यह सरकारी नौकरी केवल एक नौकरी भर नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं की प्रतिभाओं, उनकी योग्यताओं को जाहिर करने के लिए एक माहौल का उपलब्ध करवाती है। एक सरकारी कर्मचारी के लिए खुद की शंका से ऊपर उठकर काम करना होगा। युवा साथियों, अपने सपनों का पीछो करो, खुद को एंटरप्रनोयर बनाओ, बाकी सब छोड़ दो, सरकार में कुछ ऐसे आत्मविश्वासी लोग भी हैं, जो कि आप लोगों को आपको अच्छा माहौल देंगे। अगर आप इस सरकारी सिस्टम का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो मुझ पर भरोसा करो, आप गलत नहीं करेंगे। आप हमेशा विजेता रहोगे। आपका स्वागत है।’

गौर करने वाली बात यह भी है कि जुलाई 2016 में जब कश्मीर में अशांति फैली हुई थी, तब भी डॉ. फैजल और मिश्रा के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग हुई थी। एक न्यूज चैनल ने फैजल की तस्वीर आतंकी बुराहन वानी के साथ दिखा दी थी, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की धमकी दी थी। इस पर मिश्रा ने लिखा था, ‘यह मेरा देश है और मैं देश को बचाने के लिए आया हूं। किसी भी तरह की आलोचना और धमकी मुझे कायर नहीं बना सकती। मैंने एग्जाम केवल नौकरी करने के लिए पास नहीं किया था, बल्कि सेवा करने के लिए सरकारी नौकरी ज्वाइन की थी। मैं अपने आपको रोल मॉडल नहीं बनाना चाहता, बल्कि मैं लोगों के लिए अपने काम को रोल मॉडल बनाना चाहता हूं।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App