प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करने लगे कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश सिंह? देखें वीडियो

कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर हुई एक टीवी डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के ही अंदाज-ए-बयां पर उनके वादे गिनाए, इस पर एंकर ने उनकी बात को मिमिक्री करार दिया। इसके जवाब में अखिलेश सिंह ने कहा कि ये एक प्रधानमंत्री का वादा है, मिमिक्री मत कहिए।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर हुई एक टीवी डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के ही अंदाज-ए-बयां पर उनके वादे गिनाए, इस पर एंकर ने उनकी बात को मिमिक्री करार दिया। इसके जवाब में अखिलेश सिंह ने कहा कि ये एक प्रधानमंत्री का वादा है, मिमिक्री मत कहिए। अखिलेश सिंह ने कहा- ”जब-जब चुनाव आता है, तब-तब बीजेपी सिर्फ चीजों को पोलराइज (ध्रुवीकृत) करना चाहती है। चार साल हो गए, अपनी सरकार की उपलब्धियों की बात क्यों नहीं करते हैं अमित शाह जी, मोदी जी? क्यों नहीं गिनाते हैं- मित्रों, मैंने 15 लाख आपके खाते में डाल दिया न, मैंने देखो दो करोड़ नौकरी आपको दे दी न, देखों गंगा मैया को मैंने साफ कर दिया न, देखिए काशी को क्योटो बना दिया न, दाऊद को मैं ले आया न, स्मार्ट सिटीज बन गईं न, पेट्रोल और गैस के दाम 300 रुपये घटा दिए न, चीन की आंखें सफेद कर दी मैंने? ये सब बातें अब जुबान से नहीं निकलती हैं।”

समचार चैनल आजतक के द्वारा टीवी बहस का करीब एक मिनट का यह वीडियो बुधवार (18 अप्रैल) सुबह करीब 11.52 बजे ट्वीट किया गया था। इस वीडियो को खूब देखा जा रहा है। बता दें कि 224 विधानसभा सीटों के लिए कर्नाटक में चुनाव 12 मई को एक ही चरण में होगा और नतीजे 15 मई को आएंगे। राज्य में कांग्रेस अभी सत्ता में है। कांग्रेस और बीजेपी अभी से मतदाताओं को तमाम वादे कर लुभाने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। इस बीच दोनों पार्टियों पर अपने-अपने हिसाब से चुनावी धुव्रीकरण के भी आरोप लग रहे हैं।

कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से 100 सीटों पर लिंगायत समुदाय का प्रभाव माना जाता है, इसलिए विधानसभा चुनाव में जीत और हार पर लिंगायत समुदाय का रुख अहम भूमिका निभाता है। बीजेपी के सीएम पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा भी लिंगायत समुदाय से ही आते हैं और पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी लिगायतों के मठ में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी लिंगायत समुदाय के संतों के साथ देखे गए थे। लिंगायतों के भगवान बसवन्ना की जयंती पर भी राज्य में सियासत का खूब रंग दिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन से ही भगवान बसवन्ना को श्रद्धांजलि दी तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बेंगलुरु में उनकी मूर्ति पर माला चढ़ाई। बीजेपी पर लिंगायतों के साथ-साथ हिंदू ध्रुवीकरण के भी आरोप लग रहे हैं। इसी मुद्दे पर टीवी बहस रखी गई थी।

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