ताज़ा खबर
 

जमीन वालों को भी देखेंगे या सिर्फ आसमान पर उड़ेंगे- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश से शुरू की 8 उड़ाने तो आने लगे ऐसे कमेंट

पिछले हफ़्ते मोदी मंत्रिमंडल में कई बड़े उलटफेर किए गए। जिसमें कई मंत्रियों की छुट्टी हो गई और उनकी जगह पर नए चेहरों को वरीयता दी गई। ऐसे में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को उड्डयन मंत्रालय जिम्मेदारी सौंपी गई।

Updated: July 12, 2021 9:12 AM
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (फोटो सोर्स – सोशल मीडिया)

पिछले हफ़्ते मोदी मंत्रिमंडल में कई बड़े उलटफेर किए गए। जिसमें कई मंत्रियों की छुट्टी हो गई और उनकी जगह पर नए चेहरों को वरीयता दी गई। ऐसे में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को उड्डयन मंत्रालय जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनिर्वाचित केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मध्य प्रदेश के लोगों को एक सौगात दी है। उन्होंने दो शहरों से 8 नई फ्लाइटों को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में उन्होंने खुद ही सोशल मीडिया पर जानकारी दी है। उनके इस ट्वीट के बाद लोग कमेंट बॉक्स में अपनी प्रतिक्रिया देने लगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंत्री बनने के बाद लोग उन्हें ट्रोल करते हुए नजर आ रहे हैं। कोई उन्हें कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के लिए गद्दार कह रहा है, वहीं कुछ यूजर उन्हें अपने साथ सचिन पायलट को भी ले आने की बात कर रहे हैं। एक टि्वटर यूजर ने उनके 8 फ्लाइट दिये जाने की सौगात पर कहा कि, ‘ जमीन वालों को भी देखेंगे या सिर्फ आसमान पर उड़ेंगे महाराज, यहां पेट्रोल ₹112 लीटर है।’ एम के नाम के एक टि्वटर यूजर ने उनके इस फैसले पर लिखा कि कांग्रेसी परंपरा का पदार्पण हो गया, वही किया जो कांग्रेस करती थी। अपनों को बांटो रेवड़ी बाकी जाए भाड़ में, यह जीता जागता उदाहरण है कि सबसे पहले मध्यप्रदेश में ही सौगात दी गई।

एक टि्वटर यूजर ने उनके इस फ़ैसले पर उन्हें याद दिलाते हुए लिखा कि, ‘बहुत बहुत धन्यवाद आपका, बस एक बात याद रहे कि अब आप केवल ग्वालियर-गुना क्षेत्र के नेता नही है। आप पूरे देश के मंत्री है, और पूरे मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते है राजसभा में। सब पर समान दृष्टि हो तो बेहतर हो। कुंदन शर्मा नाम के एक ट्विटर यूजर ने उन पर क्षेत्रवाद का आरोप लगाते हुए लिखा कि पहले दिन से ही क्षेत्रवाद?

एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, ‘ आप को अपनी बुआ से सीखना चाहिए जो राजस्थान में अपनी पार्टी में रहकर भारत के 2 शक्तिशाली व्यक्तियों से संघर्ष कर रही न की बगावत करके नई पार्टी बनाई। आज राजस्थान की जनता इज्ज़त करती है। देवेंद्र नाम के टि्वटर हैंडल से कमेंट किया गया कि यही कारण है प्रदेश में सिंधिया कभी प्रादेशिक नेता नही बन पाए, बस ग्वालियर के सम्भागीय नेता बन कर रह गए। सोच को बढ़ा कर पूरे प्रदेश के लिए कुछ नया कीजिये।

एक यूजर ने उनके इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा कि आप वडोदरा के जमाई हो जरा यहां का भी ख्याल रखना। बता दें कि पिछले साल मार्च में कांग्रेस में चल रही सियासी तनातनी के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था, तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि सिंधिया को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

Next Stories
1 ‘सपा की कोच फैक्ट्री तो सही है तुम वही से निकले हो न’, गौरव भाटिया ने गांधी परिवार पर कसा तंज तो लोगों ने कर दिया ट्रोल
2 आप रामविलास के घर रहते हैं क्या – जब पत्रकार के सवाल पर भड़क गए थे लालू यादव, बीजेपी पर भी किया था हमला
3 नींबू मिर्ची का हार पहनने से मंत्री पद मिल जाता है क्या – मंत्री बनने के बाद से ज्योतिरादित्य सिंधिया के मजे ले रहे लोग
ये पढ़ा क्या ?
X