राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के सियासी दोस्ती में ऐसे पड़ी दरार, कॉलेज में पढ़ते थे एक साथ

ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे तो उनकी राहुल गांधी से गहरी दोस्ती थी। अक्सर ही दोनों नेता एक दूसरे के साथ जुगलबंदी करते नजर आते थे। राहुल गांधी के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया की नजदीकी कई मौकों पर साफ दिखाई देती थी।

Madhya Pradesh, BJP
ऐसे पड़ी राहुल और सिंधिया की दोस्ती में दरार, एक ही कॉलेज में हुई है दोनों नेताओं की पढ़ाई (फोटो सोर्स – पीटीआई और सोशल मीडिया)

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लगभग डेढ़ साल पहले, लंबे समय तक कांग्रेस के साथ रहने के बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया है। अब उन्हें नरेंद्र मोदी सरकार में उड्डयन मंत्रालय की भी जिम्मेदारी दे दी गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे तो उनकी राहुल गांधी से गहरी दोस्ती थी। अक्सर ही दोनों नेता एक दूसरे के साथ जुगलबंदी करते नजर आते थे।

राहुल गांधी के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया की नजदीकी कई मौकों पर साफ दिखाई देती थी। 2014 के चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद भी दोनों नेता कई बार साथ दिखे थे। कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी का कमल खिलाने में लगे सिंधिया को कभी गांधी परिवार का सबसे नजदीकी शख्स माना जाता था। राहुल गांधी के साथ उनकी दोस्ती ऐसी थी कि दोनों अक्सर एक ही पहनावे में नजर आते थे। लेकिन कमलनाथ के साथ उनकी सियासी उठापटक अक्सर दिख जाया करती थी। पार्टी के भीतर कई बार यह भी चर्चा उठी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया चाहते हैं कि उन्हें सांसद बनाकर राज्यसभा भेज दिया जाए, लेकिन दिग्विजय सिंह उनके नाम पर तैयार नहीं थे। जिसके बाद से ही सिंधिया ने कांग्रेस के साथ राहुल गांधी से भी दूरी बनानी शुरू कर दी थी।

इसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश में अपनी ही पार्टी के खिलाफ कई मुद्दे को लेकर लगातार हमला बोलते रहते थे। उन्होंने एक बार एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि 2018 के  मेनिफेस्टो में कांग्रेस ने किसान कर्ज माफी और दूसरे किए गए वादे को पूरा नहीं करती है तो वह इसके खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। उनकी मांगों को लगातार कांग्रेस आलाकमान की तरफ से नजरअंदाज किया जाता रहा था। इसके बाद से ही उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का मन बना लिया था।

राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी ज्वाइन करने पर कहा था कि, ‘ ज्योतिरादित्य सिंधिया एकमात्र ऐसे नेता थे जो कभी भी मेरे घर आ सकते थे।’ उन्होंने सिंधिया को लेकर कहा था कि वह अपनी विचारधारा भूल गए हैं, साथ ही अपने भविष्य को लेकर डरे हुए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा में सम्मान नहीं मिलेगा। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी ज्वाइन करने के बाद कहा था कि आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जनसेवा कि लक्ष्य की पूर्ति उस संगठन के द्वारा नहीं की जा सकती थी।

कुछ दिन पहले भी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा था कि जितनी चिंता अब राहुल गांधी जी को मेरी है उतनी तब होती जब मैं कांग्रेस में था तब होती तो अलग बात होती। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और राहुल गांधी ने साल 1989 में सेंट स्टीफन कॉलेज में एक साथ दाखिला लिया था।

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