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ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले – महाराष्ट्र में चल रही थी भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार, मजे लेते हुए बादाम खाने की सलाह देने लगे यूजर्स

केंद्रीय मंत्री के बयान पर कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं।

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केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की सरकार बनने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र आगे बढ़ेगा। उन्होंने उद्धव ठाकरे सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार हो रहा था। ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें बदाम खाने की सलाह देते हुए मजे लेने लगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान : केंद्रीय मंत्री ने एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र सीएम बनने की बधाई देते हुए उनके कदम को सही बताया। उन्होंने कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन सही नहीं था। मराठा होने के नाते एकनाथ शिंदे ने एक विचारधारा के पक्ष में सही फैसला लिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार से लिप्त सरकार चलाई जा रही थी।

यूजर्स ने यूं लिए मज़े : हुसैन खान नाम के एक यूजर ने सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बाद वह बोल रहे हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश में अपनी ही पार्टी की सरकार पर खंजर घोंप दिया था। गीतेश गांधी ने लिखा, ‘ ज्योतिरादित्य सिंधिया जी थोड़ा बदाम खाया करिए, याददाश्त अच्छी रहेगी। महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री जी सरकार में मंत्री थे। जिसे आप भ्रष्ट बता रहे हैं।’ अमृता त्रिपाठी हंसने वाली इमोजी के साथ कमेंट करती हैं – शिंदे भी भ्रष्ट सरकार का हिस्सा थे।

जावेद असलम पूछते हैं कि एकनाथ शिंदे वाला काम तो आपने भी किया था लेकिन आपकी तपस्या में कुछ कमी थी इसलिए ही मुख्यमंत्री का पद नहीं मिल पाया। रहमान नाम के एक टि्वटर हैंडल से कमेंट किया गया – जो खुद लोकसभा चुनाव हार गए, उसके बाद भी चुनी हुई सरकार को गिरा दिया। उनके मुंह से भ्रष्टाचार की बात अच्छी नहीं सुनाई देती। प्रफुल्ल नाम की एक यूजर ने लिखा कि अरे यार कोई इन्हें बदाम खिलाओ।

जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश में भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुट के विद्रोह की वजह से कमलनाथ सरकार गिर गई थी। एमपी में कमलनाथ सरकार गिरने से पहले सिंधिया समर्थक विधायकों ने आरोप लगाए थे कि कमलनाथ सरकार में उनकी सुनवाई नहीं होती। सिंधिया के एक समर्थक मंत्री ने दावा किया था कि कमलनाथ सरकार में उन लोगों के काम नहीं किए जाते। इसके साथ ही कहा था कि दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों को ज्यादा तवज्जो मिलती है।

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