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जियो इंस्टिट्यूट को ट्रोल कर रहे यूजर्स, आ रहे ऐसे फनी रिएक्शन्स

चुने गए विश्वविद्यालयों में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु, बिट्स पिलानी, मनिपाल यूनिवर्सिटी और जियो यूनिवर्सिटी का नाम शामिल है।

जियो इंस्टीट्यूट को सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया जा रहा है। (image source-Facebook)(प्रतीकात्मक तस्वीर)

जियो इंस्टीट्यूट के बनने से पहले ही उसे सरकार द्वारा इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस का दर्जा देने पर विवाद हो गया है। लोग सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और एक इंस्टीट्यूट, जिसका कि अभी तक निर्माण भी नहीं हुई है, उसे आईआईटी और बिट्स पिलानी जैसे इंस्टीट्यूट के साथ रखने पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा खूब छाया हुआ है और लोग बड़े ही मजेदार तरीके से जियो इंस्टीट्यूट को ट्रोल कर रहे हैं।

लोगों को इस बात पर भी शिकायत है कि इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस में देश के प्रतिष्ठित आईआईएम संस्थानों को भी शामिल नहीं किया गया है। यही वजह है कि लोग अपने अपने तरीके से सरकार के इस फैसले पर ऊंगली उठा रहे हैं। ऐसे ही कुछ मजेदार ट्वीट निम्न हैं।

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कांग्रेस पार्टी ने भी केन्द्र सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर मुकेश अंबानी और नीता अंबानी का पक्ष लिया है, जिस जियो इंस्टीट्यूट का अभी निर्माण होना है, उसे एमिनेंस इंस्टीट्यूट का दर्जा दे दिया गया है। सरकार को बताना होगा कि किस आधार पर इस विश्वविद्यालय का चयन किया गया है।

बता दें कि केन्द्र सरकार ने तीन प्राइवेट और तीन सार्वजनिक क्षेत्र के विश्वविद्यालयों को इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस के तौर पर चुना है। चुने गए विश्वविद्यालयों में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु, बिट्स पिलानी, मनिपाल यूनिवर्सिटी और जियो यूनिवर्सिटी का नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि इन विश्वविद्यालयों का चयन यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने किया है। इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस की सूची में शामिल विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर गुणवत्ता हासिल करने के लिए विशेष रुप से फंडिंग के साथ ही पूरी स्वायत्ता हासिल होगी।

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