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‘जख्‍मी जूतों का हस्‍पताल’ चलाने वाले बुजर्ग की आनंद महिंद्रा ने की मदद, देखिए कैसे

आनंद महिंद्रा की टीम ने न सिर्फ नरसी राम को खोज निकाला है। बल्कि उनके लिए सर्वसुविधा युक्त जख्मी जूतों का अस्पताल भी तैयार करवा दिया है। बुधवार को महिंद्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट से नरसी राम को दिए जाने वाले ‘जख्मी जूतों के हस्पताल’ का वीडियो शेयर किया, जिसे उन्होंने देने का वादा किया था।

जख्‍मी जूतों के डॉक्‍टर जींद के नरसी राम और उनके प्रशंसक महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा।

हरियाणा के जींद जिले में जूतों के क्रिएटिव डॉक्‍टर ‘नरसी राम’ को कौन नहीं जानता। यहां तक कि देश के प्रमुख उद्योगपति और महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी उनके प्रशंसक हैं। सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहने वाले महिंद्रा ने बीते 17 अप्रैल को ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने नरसी राम की रचनात्मकता की सराहना की थी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था,” इस शख्स को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में मार्केटिंग के कोर्स को पढ़ाना चाहिए।’

नरसी राम की वायरल फोटो को देखकर आनंद महिंद्रा उनकी मार्केटिंग की स्किल से खासे प्रभावित हुए थे। उन्होंने ट्विटर पर नरसी राम के लिए कुछ करने का वादा भी किया था। अब आनंद महिंद्रा की टीम ने न सिर्फ नरसी राम को खोज निकाला है। बल्कि उनके लिए सर्वसुविधा युक्त जख्मी जूतों का अस्पताल भी तैयार करवा दिया है। बुधवार को आनंद महिंद्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट से नरसी राम को दिए जाने वाले ‘जख्मी जूतों के हस्पताल’ का वीडियो शेयर किया, जिसे उन्होंने देने का वादा किया था।

आनंद ने इस वीडियो के साथ लिखा, ‘आपको वह मोची नरसी राम याद होंगे जिन्होंने जख्मी जूतों के अस्पताल नाम के बैनर से सबका ध्यान खींचा था। हमारी टीम ने नरसी राम से संपर्क किया और बताया कि मैं उनकी मदद करना चाहता हूं, जवाब में नरसी राम ने कहा कि वह अच्छा बूथ चाहते हैं। यही वो बूथ है जो मुंबई स्थित हमारे डिजाइन स्टूडियो ने तैयार किया है। इसे नरसी राम को जल्दी ही डिलीवर किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अपनी टीम की तारीफ भी की।’

बता दें कि हरियाणा के जींद जिले के पटियाला चौक पर ‘नरसी राम’ जूतों के मोची का काम करते हैं। उन्होंने लोगों को आकर्षित करने के लिए बोर्ड लगाया था, जिस पर लिखा था डॉ. नरसी राम- जख्मी जूतों का हस्पताल’। उन्होंने अपने बैनर में अस्पताल की तर्ज पर कई तरह कि जानकारी दे रखी है। मसलन लिखा है कि ओपीडी सुबह 9 से दोपहर 1 बजे, लंच दोपहर 1 से 2 बजे और शाम 2 से 6 बजे तक हस्पताल खुला रहेगा। आगे लिखा है- ‘हमारे यहां सभी प्रकार के जूतों का ईलाज जर्मन तकनीक से किया जाता है।’

नरसी की तस्वीर वॉट्स एप के जरिए महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को मिली थी। यही नहीं, महिंद्रा ने यहां तक कहा कि अगर नरसी अभी भी यह काम करते हों तो वह उनके ‘स्टार्टअप’ में निवेश भी करना चाहेंगे। बाद में आनंद महिंद्रा ने नरसी को फूल और मोमेंटो भिजवाया था। उन्हें महिंद्रा कंपनी के ट्रैक्टर पर बैठा कर सारे शहर में भी घुमाया गया था।

ये पहला मौका नहीं है जब आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर देखकर किसी की मदद की हो। इससे पहले उन्होंने केरल के गांव में रहने वाले सुनील को चार पहिया गाड़ी गिफ्ट की थी। महिंद्रा सोशल मीडिया पर सुनील की बनाई हुई तिपहिया स्कॉर्पियो को देखकर बेहद प्रभावित हुए थे। उन्होंने इस गाड़ी को अपने म्यूजियम में रखने की इच्छा भी जताई थी। सुनील ने तिपहिया आॅटो को स्कॉर्पियो की शक्ल दे दी थी। बाद में महिंद्रा की टीम ने डेढ़ महीने बाद सुनील को खोज निकाला था। वादे के मुताबिक उन्हें चार पहिया मिनी ट्रक महिंद्रा की तरफ से गिफ्ट किया गया था।

इसके अलावा मैंगलोर की रहने वाली 34 साल की शिल्पा जो फूड ट्रक चलाती थीं। उन्होंने एक बोलैरो को फूड ट्रक में तब्दील करवा लिया था। जिसकी मदद से वह लोगों को लजीज मैंगलोर व्यंजन खिलाती थीं। उनके भोजन के लोग खासे दीवाने भी हो रहे थे। किसी ने शिल्पा के ट्रक का फोटो ट्वीट किया, जिस पर महिंद्रा की नजर पड़ गई। बाद में महिंद्रा ने खुद ट्वीट करके उनके कारोबार में निवेश की इच्छा जताई थी।

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