Smit Machchhar Viral Video: फ्लाईदुबई फ्लाइट में बड़े हादसे को टालने के बाद भारतीय पायलट स्मित मच्छार का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा में आ गया है। लोग हर तरफ स्मित मच्छार के बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं, लोग उन्हें हीरो बता रहे हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक साल पहले वे बोल रहे हैं कि कि जब आप हवा में होंगे तो आपको कौन बचाने आएगा। इस पॉडकास्ट में उन्होंने प्रशिक्षित क्रू की अहमियत के बारे में बात की थी। अब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में जानलेवा कॉकपिट घटना के बाद एक बार से यह वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।

पॉडकास्ट में मच्छार को कहते हुए सुना जा सकता है कि जब हम वहां ऊपर होते हैं और कुछ हो जाता है तो, आपको कौन बचाने आएगा? इस आपात स्थिति में यात्रियों के लिए प्रशिक्षित केबिन क्रू की अहम भूमिका होती है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर फ्लाइट में डॉक्टर मौजूद हो तो अच्छी बात है मगर उनके ना होने पर भी क्रेबिन क्रू को इस तरह ट्रेन किया जाता है वह आपकी जान बचाने में मदद कर सकते हैं। हां वे सर्जरी तो नहीं कर सकते हैं मगर काफी हद तक मदद कर सकते हैं। पायलट और क्रू के क्वालिफिकेशन में फर्क होता है मगर वे इतनी अच्छी तरह ट्रेन होते हैं कि वे सेफ्टी और इमरजेंसी में आपकी मदद कर सकते हैं और आपकी जान बचा सकते हैं। ये बातें उन्होंने ‘बोनाफाइड बैंटर’ पॉडकास्ट में इंटरव्यूअर जालक मेहताकेसाथ की गई बातचीत में की थीं।

दरअसल, मच्छार अपने को-पायलट के साथ हुई एक घटना में घायल हो गए थे। आरोप है कि को-पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की थी। हालांकि, मच्छार कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने वाला मैकेनिज़्म चालू करने में कामयाब रहे। इससे यात्री और क्रू मेंबर कॉकपिट में घुस पाए और को-पायलट पर काबू पा लिया। इसके बाद मच्छर की काफ़ी तारीफ़ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस भारतीय पायलट को हीरो बताया है।

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टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्स से एविएशन तक का सफ़र

मच्छार ने एविएशन में अपने सफर और कॉकपिट में काम करने की चुनौतियों के बारे में बात करते हुए बताया कि बचपन में पायलट बनने का उनका कोई प्लान नहीं था। वे बड़े होकर अपने परिवार के टेक्सटाइल बिज़नेस में शामिल होना चाहते थे। उन्होंने कहा कि एविएशन बचपन का सपना नहीं था, यह जिंदगी में बहुत बाद में आया।”

मच्छार ने आगे बताया कि स्कूल के बाद उन्होंने क्सटाइल इंजीनियरिंग का कोर्स किया और फिर मैनेजमेंट कोर्स में दाखिला लिया। वे ऐसी स्किल्स सीखना चाहते थे जिसे उन्हें अपने परिवार के बिज़नेस को बढ़ाने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया था, “मैं तब युवा था, इसलिए परिवार के बिज़नेस को बढ़ाने में मदद के लिए थोड़ी और पढ़ना चाहता था और इसके लिए सबसे सही कोर्स मैनेजमेंट कोर्स ही था।”

मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान मच्छार एक एविएशन सेमिनार में शामिल हुए जहां उन्हें पायलट बनने की संभावना के बारे में पता चला। उन्होंने आगे कहा, “मुझे एविएशन कोर्स के बारे में जानकारी मिली और यह मेरे लिए काफी दिलचस्प था।”

‘उड़ने का डर’

जब मच्छार ने एविएशन को करियर के तौर पर चुनने का फैसला किया तब वे 19 साल के थे। शुरू में इस फैसले से उनकी मां परेशान हो गईं। अपने करियर के चुनाव पर परिवार की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर मच्छार ने कहा, “मेरी मां डरी हुई थीं।” उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब एविएशन को आज की तुलना में अलग नज़रिए से देखा जाता था। उन्होंने कहा, “क्योंकि आज का एविएशन और 15-17 साल पहले का एविएशन बिल्कुल अलग था। तब पायलट बनने वाले लोगों के बारे में ज़्यादा सुनने को नहीं मिलता था।” एक यह वजह थी और दूसरी वजह उड़ान थी, जिससे मां डरी हुईं थीं। हालांकि मेरे पिता मेरे फैसले को लेकर सहज थे। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

‘भगवान का चहेता बच्चा’

यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर खूब प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूज़र ने लिखा, “वह आज और आने वाले कल में दुनिया का सबसे चहेता इंसान है।” एक और यूज़र ने कमेंट किया, “भगवान का चहेता बच्चा।” तीसरे यूज़र ने प्रतिक्रिया दी, “तुम पर गर्व है, नौजवान। भगवान तुम्हारा भला करे।”

174 यात्रियों की बचाई जान

दरअसल, मच्छार ने फ्लाईदुबई की एक उड़ान को दुर्घटनाग्रस्त करने की अपने सह-पायलट की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की उड़ान एफजेड 1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका मार्ग सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। सह-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल मच्छार का सऊदी अरब के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मछार ने जिस तरह हमले का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला, उससे विमान में सवार यात्रियों और क्रू को हमलावर को काबू करने का मौका मिला। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताते हुए जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…