भारतीय मूल के सीईओ विशाल गर्ग 2021 में उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने ज़ूम कॉल पर महज 4 मिनट के अंदर उन्होंने 900 से ज़्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इस खबर के बाद उनकी इस क्रूरता की काफी निंदा हुई थी। कंपनी के कई अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था। अब खुद उनकी नौकरी चली गई है, वे भी इस बेरहम तकलीफ से गुजर रहे हैं।

एक बार फिर फेमस सीईओ विशाल गर्ग सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहे हैं मगर इस बार उनकी चर्चा लोगों की नौकरी छीनने की नहीं बल्कि उनकी कुर्सी छीनने और बेरोजगारी की है, वे खुद इस बेबसी से गुजर रहे हैं। असल में इस महीने की शुरुआत में भारतीय-अमेरिकी एंटरप्रेन्योर विशाल गर्ग कोमॉर्गेज को कंपनी ‘बेटर होम एंड फाइनेंस’ के CEO पद से हटा दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जिस बॉस ने बिना सोचे समझे कर्मचारियों को नौकरी से निकाला अज कंपनी में बने रहने के लिए महज 1 डॉलर यानी करीब ₹90 सालाना के टोकन सैलरी पर काम करना चाह रहा है हालांकि बोर्ड उसे किसी भी कीमत पर रखने को तैयार नहीं है। इस खबर की सोशल मीडिया पर चर्चा है, लोगों का कहना है कि यह कर्मा रिटर्न है।

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हमारे सहयोही एक्सपप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गर्ग ने आरोप लगाया है कि डैनियल लुईस ने CEO के तौर पर उनकी जगह ली थी। कंपनी का कंट्रोल संभालने से पहले अपने इरादों के बारे में उन्हें गुमराह किया था। CNN से बात करते हुए गर्ग ने आरोप लगाया कि लुईस ने टॉप पद संभालने से पहले कंपनी की स्ट्रैटेजी का सार्वजनिक रूप से समर्थन करके बोर्ड और दूसरे अधिकारियों का भरोसा जीता था।

विशाल गर्ग ने कैसे खोया CEO का पद?

गर्ग ने CNN से कहा, “उन्होंने मुझे धोखा दिया है, उन्हें कंपनी की रणनीति पसंद है। उन्होंने एक्स पर हमारी तारीफ़ की और उसी का इस्तेमाल करके हमारे बोर्ड में शामिल हुए और हमारा भरोसा जीता।” बेटर (Better) ने लुईस को 3 अगस्त को अंतरिम CEO नियुक्त किया, जो कंपनी के बोर्ड में शामिल होने के ठीक एक हफ़्ते बाद हुआ। शुरुआती घोषणा में कहा गया था कि गर्ग और बोर्ड लीडरशिप में बदलाव के लिए “आपसी सहमति” पर पहुंचे थे। बाद में कंपनी ने कहा कि गर्ग को छोड़कर बोर्ड ने सर्वसम्मति से उन्हें हटाने के लिए वोट किया था, जिसका कारण उनके “फ़ैसले लेने की क्षमता, स्वभाव और विश्वसनीयता” थी।

हालांकि, गर्ग का कहना है कि उन्हें ऐसे समय में हटाया गया जब ‘बेटर’ (Better) कंपनी कई सालों की आर्थिक मुश्किलों से उबरने लगी थी। महामारी के दौरान रीफाइनेंसिंग के दौर में इस कंपनी की वैल्यू लगभग 8 अरब डॉलर थी, लेकिन मॉर्गेज की बढ़ती दरों और उसके बाद रीफाइनेंसिंग बिज़नेस के ठप होने से कंपनी को भारी नुकसान हुआ।

गर्ग ने आगे बताया कि ‘बेटर’ की सालाना बिक्री 2021 में 1.5 अरब डॉलर से घटकर 2023 में 70 मिलियन डॉलर रह गई थी। उनका दावा है कि कंपनी अब इस साल लगभग 200 मिलियन डॉलर कमाने की राह पर है, जिसमें उसकी AI-पावर्ड मॉर्गेज प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और रणनीतिक साझेदारी का योगदान है। गर्ग ने यह भी कहा, “हम जीत रहे हैं, हमने लोन वॉल्यूम को तीन गुना कर लिया है। हम मुनाफ़ा कमाने के करीब हैं।”

खबरों के मुताबिक, 27 जुलाई को ‘बेटर’ (Better) के बोर्ड में शामिल होने से पहले लुईस ने महीनों तक गर्ग को लागत कम करने के उपायों और मुनाफ़ा बढ़ाने के बारे में सलाह दी थी। अब गर्ग को लगता है कि लुईस की नज़र शुरू से ही CEO के पद पर थी। गर्ग ने कहा, “मुझे लगता है कि वह हमेशा से CEO बनना चाहते थे और उनका मानना ​​है कि “बोर्ड ने गलती की।”

बता दें कि पद से हटाए जाने के बावजूद, गर्ग ‘बेटर’ (Better) के बोर्ड के सदस्य बने हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कई निवेशकों ने उनसे संपर्क किया और उन्हें CEO के तौर पर वापसी करने के लिए प्रोत्साहित किया है। गर्ग का यह भी दावा है कि उनके पास शुरुआती निवेशकों के समर्थन समेत इतनी वोटिंग पावर है कि वे कंपनी पर दोबारा कंट्रोल हासिल कर सकते हैं।

गर्ग ने आगे कहा कि क्विन इमैनुएल (Quinn Emanuel) के पार्टनर और जाने-माने वकील एलेक्स स्पिरो को हायर किया है और औपचारिक रूप से ‘बेटर’ के बोर्ड से मांग की है कि उन्हें फिर से CEO बनाया जाए। गर्ग ने कंपनी के मुनाफे में आने तक $1 सालाना वेतन पर काम करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिसके बाद उनका कहना है कि वे आखिरकार हट जाएंगे।

‘मुझे उम्मीद है मामला सुलझ जाएगा’

गर्ग ने कहा, “यह इस बात को स्वीकार करना है कि मैं 10 साल से यह काम कर रहा हूं, लेकिन काम को अंजाम देने का तरीका एकदम सही नहीं रहा है।” “मुझे उम्मीद है कि मामला सुलझ जाएगा। मुझे लगता है कि ‘बेटर’ का भविष्य अभी भी बहुत उज्ज्वल है।” इस खबर पर आपकी क्या राय है?

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