भारत में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से आलोचना की जा रही है, अक्सर लोकल लड़कियों और पर्यटकों के साथ यौन उत्पीड़न की कई घटनाएं सामने आती रहती हैं। अब, एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक भारतीय शख्स घूमने आई कोरियाई पर्यटकों से बुरी डिमांड कर उन्हें असहज कर देता है, वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है।
वीडियो में शख्स कोरियाई महिलाओं के पास जाता है और उन्हें गले लगाने के अपने “सपने” के बारे में बताता है। वह उनमें से एक से हाथ मिलाने के लिए कहता है जबकि वह इस पल को रिकॉर्ड कर रहा होता है। जब वह अपनी डिमांड पर जोर देता है, तो उनमें से एक महिला आगे बढ़ती है और उसे गले लगा लेती है शायद वह स्थिति को जल्दी से संभालने की कोशिश करती है।
कोरियाई महिला को गले लगाने के बाद वह कहता है। वाह,मैं तुमसे प्यार करता हूं… इस पर परेशान महिला परेशान महिला जवाब देती है, “मैं भी तुमसे प्यार करती हूं। शायद वह उससे किसी तरह जल्दी से छुटकारा चाहती है” इस वायरल वीडियो के कैप्शन में लिखा था “इंडियन लोकल मीट्स कोरियन गर्ल्स”।
इस वीडियो को 29 अगस्त को शेयर किया गया था, जो हाल ही में वायरल हो गया। लोगों ने इस वीडियो पर कमेंट्स किए है, एक ने लिखा है, “वह गले लगाना उसके लिए उस महिला को छूने का तरीका था”। एक अन्य ने कहा, “भारत में इस तरह के लोगों से दूरी बनाए रखें”। एक तीसरे उपयोगकर्ता ने प्रतिक्रिया में कहा, वे वीडियो को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में भेजेंगे और कहेंगे कि उन्हें कोरिया से नई गर्लफ्रेंड मिली है,” एक अन्य ने कहा, “यह सेकंड-हैंड उत्पीड़न है।
बता दें कि जुलाई में एक दक्षिण कोरियाई व्लॉगर किम्सी के साथ भारतीयों द्वारा उत्पीड़न का एक वीडियो वायरल हुआ था। वायरल क्लिप में दो लड़के उसे एक सेल्फी के लिए संपर्क करते हैं जिसे वह प्यार से मना कर देती है। स्थिति तब बढ़ जाती है जब उनमें से एक उसे धक्का देता है, जिससे वह असहज हो जाती है। घटना के बाद एक वीडियो में वह स्वीकार करती है कि वह भारत से नफरत करती है।
गौरतलब है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय कानून के तहत, सार्वजनिक स्थान पर किसी विदेशी पर्यटक या नागरिक को उसकी स्पष्ट सहमति के बिना गले लगाना या शारीरिक संपर्क बनाना ‘अशिष्टता’ (Indecency) या ‘गरिमा को ठेस पहुंचाने’ की श्रेणी में आ सकता है। यदि सामने वाला व्यक्ति इस व्यवहार से असहज महसूस करता है, तो इसे धारा 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) या धारा 296 (सार्वजनिक अश्लीलता) के तहत चुनौती दी जा सकती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सांस्कृतिक अंतर’ के आधार पर जबरन शारीरिक संपर्क को सही नहीं ठहराया जा सकता, और सहमति (Consent) के बिना किया गया ऐसा कोई भी कृत्य कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। जनसत्ता इस वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति की मंशा, दोष या नैतिकता पर कोई फैसला सुनाता है। इस खबर का उद्देश्य केवल प्रचलित घटना और उस पर हो रही सामाजिक चर्चा से अवगत कराना है। किसी भी व्यक्ति की निजता और गरिमा का सम्मान करना हमारी प्राथमिकता है।
