डिग्री और अनुभव के आधार पर नौकरी देने वाले लोगों के लिए हैदराबाद के एक एंटरप्रेन्योर की कहानी किसी सबक से कम नहीं है। श्रावंत गजुला ने लिंक्डइन पर अपना एक एक्सपीरियंस शेयर किया है जो लोगों के दिल को छू गया। दरअसल, श्रावंत गजुला एक डिजिटल विज्ञापन कंपनी AdOnMo के को-फाउंडर (Co-founder) हैं।
श्रावंत ने करीब 10 साल पहले अपनी कंपनी के पहले कर्मचारी को बतौर टैक्सी ड्राइवर हायर किया था। उस समय वह व्यक्ति सिर्फ 9वीं पास था और उसे अंग्रेजी नहीं आती थी और आज वह व्यक्ति कंपनी में खरीदारी और जरूरी सामान की व्यवस्था वाले विभाग (procurement ) की जिम्मेदारी संभाल रहा है, इस पोस्ट की अब हर तरफ चर्चा है।
श्रावंत की सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, जब कंपनी ने उस व्यक्ति को हायर किया था तो उस वक्त उसे न तो अंग्रेजी आती थी और वह सिर्फ 9वीं पास था। इसके अलावा उसके पास किसी भी कंपनी में काम करने का अनुभव भी नहीं था। श्रावंत ने बताया है कि उस व्यक्ति के रिज्यूमे की बजाय उसकी मेहनत, ईमानदारी और सीखने की इच्छा को उन्होंने तवज्जो दी और इसका लाभ कंपनी को मिला भी उस व्यक्ति ने कंपनी के लिए कड़ी मेहनत की।
कंपनी ने उसे आगे बढ़ने का मौका दिया
श्रावंत ने बताया कि उन्होंने उसे न सिर्फ नौकरी दी बल्कि उसकी ट्रेनिंग पर भी पूरा ध्यान दिया। कंपनी ने उसे स्पोकन इंग्लिश की क्लास कराई, नई जिम्मेदारियां दीं और आगे बढ़ने का मौका दिया। श्रावंत के मुताबिक, उनकी उम्मीद सही साबित हुई। 10 साल बाद वही कर्मचारी अब कंपनी में प्रोक्योरमेंट की जिम्मेदारी संभाल रहा है और पूरे भारत में कंपनी के ऑपरेशंस देखता है।
‘कंपनी में काम करने वाले लोगों पर भरोसा करें’
उन्होंने कहा कि किसी भी कंपनी का अच्छा माहौल तभी बनता है, जब लोगों पर भरोसा किया जाए और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए। उन्होंने दूसरे फाउंडर्स और लीडर्स से भी अपील की कि वे सिर्फ डिग्री और अनुभव नहीं, बल्कि लोगों की क्षमता और मेहनत को भी पहचानें।
लोगों ने की कंपनी के फाउंडर की तारीफ
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने गजुला की सोच की तारीफ की। यूजर्स ने कहा कि अच्छे कर्मचारी हमेशा बड़े रिज्यूमे वाले नहीं होते, बल्कि ईमानदारी, सीखने की इच्छा और जिम्मेदारी निभाने का जज्बा उन्हें सफल बनाता है।
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