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LSR के बाद अब JMC स्‍टूडेंट पर फेंका गया सीमेन भरा गुब्‍बारा, फेसबुक पोस्‍ट वायरल

पीड़‍िता ने लिखा, "गुब्बारा आकर सीधे मेरी छाती पर लगा। मैंने दर्द के कारण नियंत्रण खो दिया और फर्श पर गिर गई। जब तक मैं खुद को संभाल पाती तब तक वो शख्स भाग गया। गुब्बारे में सीमेन भरा था, जिसकी बदबू से जी मिचलाने लगा।"

दिल्‍ली का जीसस एंड मेरी कॉलेज। (Photo: Facebook)

होली से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस के सामने यौन उत्पीड़न के दो मामले सामने आए हैं, जिनमें लड़कियों ने पेशाब भरे गुब्बारे फेंके जाने की शिकायत की है। दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के जीसस एंड मेरी कॉलेज में पढ़ने वाली पीड़िता ने गुरुवार (1 मार्च) को अपनी फेसबुक पोस्‍ट में कहा, “गुब्बारा आकर सीधे मेरी छाती पर लगा। मैंने दर्द के कारण नियंत्रण खो दिया और फर्श पर गिर गई। जब तक मैं खुद को संभाल पाती तब तक वो शख्स भाग गया। गुब्बारे में सीमेन भरा था, जिसकी बदबू से जी मिचलाने लगा।” आस-पास खड़े लोग इधर-उधर ताकने लगे, कुछ हंसने लगे। एक अधेड़ उम्र की औरत से पीड़‍िता से कहा, ”बुरा ना मानो बेटा, होली है।” पीड़‍ित लड़की की पोस्‍ट वायरल हो गई है।

इसी तरह की घटना ग्रेटर कैलाश में हुई, जहां उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज की एक छात्रा ने सोशल मीडिया पर कुछ इसी तरह की शिकायत की। इसके विरोध में एलएसआर छात्र संघ ने पुलिस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया।

पीड़‍ित लड़की ने फेसबुक पर यह लिखा:

”तो ‘मजे’ का त्‍योहार आ गया! रंग, अंडों, गंदे पानी और हां मैं सबसे जरूरी चीज कैसे भूल गई- सीमेन का वक्‍त आ गया है। कॉलेज से घर लौटते समय यह एक आम दिन जैसा था। सागरपुर बस स्‍टॉप के बाद बस थोड़ी देर के लिए रुकी और तभी ये हुआ। मैं कुछ समझ पाती, इससे पहले ही एक लड़के ने सीमेन से भरा गुब्‍बारा मेरे सीने पर फेंका। कुछ मिनटों के लिए तो मैं हैरान रही, जब तक मैं संभली, वो और उसके दोस्‍त जा चुके थे। मैं घृणित थी और बेहद गुस्‍से में थी। और तभी सामने बैठी एक महिला ने मुझसे कहा, ”बेटा, बुरा मत मानो होली है।” बस में बैठे बाकी लोग हंस पड़े और मुझसे यही कहा। मैं नहीं जानती थी कि किससे ज्‍यादा नफरत करूं- उसे बेवकूफ से जिसने गुब्‍बारा फेंका या उस भीड़ से जिसे यह सब आम बात लगी।”

”कल तक, मैंने सिर्फ लड़कियों पर सीमेन फेंके जाने की बातें सुनी थीं और मेरा दिल टूट गया था। आज मैं इसकी शिकार बनी और तब पूरी तरह मानवों की अनैतिकता समझ पाई। मैंने कहा होगा कि जानवर इंसानों की तरह बर्ताव करते हैं मगर यह तो जानवरों का अपमान है।”

”कल, एलएसआर (लेडी श्रीराम कॉलेज) की एक लड़की थी, आज मैं थी और कई लड़कियों के साथ ऐसा हो रहा है, जो या तो बेहद डरी हुई हैं या बोलने में घबराती हैं। और मैं उन्‍हें दोष नहीं देती मगर अब हम नहीं बोलेंगे तो देश में घूमने वाले ये बेवकूफ ऐसा करते रहेंगे और भगवान न करे, कोई मासूम लड़की इनकी शिकार बनेगी।”

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