ताज़ा खबर
 

Hans Christian Gram (हान्स क्रिश्चियन ग्रैम) Google Doodle: 166वें जन्मदिवस पर गूगल ने डूडल बना डेनिश माइक्रोबायोलॉजिस्ट को किया याद

Hans Christian Gram (हान्स क्रिश्चियन ग्रैम) Biography, Discover, Starting Method, Major Contribution to Microbiology in Hindi: हंस क्रिस्चियन ग्रैम ने 14 नवंबर 1938 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन जाने से पहले वह इस विश्व को अपनी एक अहम खोज दे गए जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा।

Author Updated: September 13, 2019 10:12 AM
साल 1878 से लेकर 1885 में इन्होंने यूरोप की यात्रा की इसके बाद बर्लिन में 1884 में बैक्टीरिया के वर्गीकरण करने का तरीका निजात किया।

Hans Christian Gram (हान्स क्रिश्चियन ग्रैम) Google Doodle: गूगल अकसर डूडल के सहारे इतिहास के स्वर्णिम दिन या मशहूर शख्सियतों को याद करता रहता है। शुक्रवार 13 सितंबर को भी गूगल ने एक ऐसे शख्स को डूडल बनाकर याद किया है जिसने एक बेहद महत्वपूर्ण खोज इस दुनिया को दी। जी हां आज गूगल ने डूडल के सहारे डेनमार्क के मशहूर माइक्रोबायोलॉजिस्ट हांस क्रिश्चियन ग्रैम को श्रद्धांजलि दी है। हांस क्रिस्चियन ग्रैम का जन्म 13 सितम्बर 1853 को हुआ था। आज उनका 166वां जन्मदिन है।

हांस क्रिस्चियन ग्रैम को उनकी खोज ग्रैम स्टेन के लिए जाना जाता है। ग्रैम स्टेन मेथड की मदद से बैक्टीरिया को अलग-अलग प्रजातियों में बांटा जा सकता है। हांस क्रिस्चियन ग्रैम ने बैक्टीरिया को दो अलग-अलग प्रजातियों में बांटा था। एक प्रजाति को ग्रैम धनात्मक के तौर पर वर्गीकॉत किया तो दूसरे को ग्रैम ऋणात्मक को तौर पर। हांस क्रिस्चियन ग्रैम ने बैक्टीरिया को उनके रासायनिक और भौतिक गुणों के आधार पर इन दो प्रजातियों में वर्गीकृत किया था। हांस क्रिस्चियन ग्रैम 1884 में बैक्टीरिया के वर्गीकरण करने के इस तरीके की खोज की थी। उनकी ये खोज विज्ञान की दुनिया में अहम खोज के तौर पर दर्ज है। उनकी इस खोज के लिए आज भी उन्हें याद किया जाता है।

गूगल ने जो डूडल बनाकर हांस क्रिस्चियन ग्रैम को याद किया है उसमें ग्रैम के प्रयोग से लेकर माइक्रोस्कोप और बैक्टीरिया के नमूनों की बारीकी तक सब कुछ दिखाया गया है। हांस क्रिस्चियन ग्रैम की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने 1878 में कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की डिग्री ली। इसके बाद वह यूरोप में जीवाणु विज्ञान और फार्माकोलॉजी पर रिसर्च करने चले गए। वहां पर अपनी 5 साल की रिसर्च के बाद उन्होंने ग्रैम स्टेन की खोज की।

हांस क्रिस्चियन ग्रैम ने 14 नवंबर 1938 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन जाने से पहले वह इस विश्व को अपनी एक अहम खोज दे गए जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Video Viral: कर्नाटक में सड़क पर फंस गया हाथियों का झुंड, दीवार फांदी और पकड़ ली जंगल की राह
2 ग्रैविटी को आइंस्टीन की खोज बता ट्रोल हुए पीयूष गोयल, लोग बोले- न्यूटन के सिर पर तो टिंडा गिरा था
3 VIDEO: Tik Tok पर वायरल हुआ #LipGlueChallenge, होठों के साथ ये सब कर रहे लोग