Assam Minor Rescued News: गुवाहाटी के पंजाबाड़ी का एक वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो एक किशोरी का है, जिसे कथित तौर पर 7 साल की उम्र से बंधक बनाकर घर का काम कराया जा रहा था। साथ ही प्रताड़ित भी किया जा रहा था। पुलिस ने पड़ोसियों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए इलाका स्थित अरिना लस्कर खातून के घर रेड किया और बच्ची को एक बेड बॉक्स के स्टोरेज कंपार्टमेंट के अंदर छिपा हुआ पाया।

पुलिस का परिवार ने विरोध किया

यह ऑपरेशन दिसपुर पुलिस ने बाल कल्याण अधिकारियों की मदद से किया। पड़ोसियों ने आरोप लगाया था कि बच्ची को अरिना जो पेशे से एक इंजीनियर है के घर पर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और कैद करके रखा गया था। जब पुलिस टीम जूरीपार स्थित घर पहुंची, तो कथित तौर पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा।

आरिना ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि बच्ची को पहले ही उसके पिता के पास भेज दिया गया था। इनकार के बावजूद, अधिकारियों ने परिसर की पूरी तलाशी ली। शुरुआती जांच में कुछ नहीं मिला, लेकिन जब अधिकारी एक बेडरूम में गए और आरोपी के बेटे को एक बड़े बेड बॉक्स के ऊपर लेटा हुआ पाया, तो शक बढ़ गया।

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विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार उसने कथित तौर पर हिलने से इनकार कर दिया, जबकि आरिना ने जोर देकर कहा कि फर्नीचर की जांच करने की कोई ज़रूरत नहीं है। हालांकि, अधिकारी डटे रहे, गद्दा हटाया और स्टोरेज कंपार्टमेंट खोला, जहां उन्होंने नाबालिग लड़की को अंदर छिपा हुआ पाया।

वीडियो में अमरीन अख्तर लस्कर द्वारा उसे अंधेरे स्टोरेज कंपार्टमेंट में छिपाते हुए दिखाया गया, उसके पति बहारुल हक लस्कर पर भी बाल श्रम और क्रूरता का आरोप लगाया गया है। जानकारी अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर अधिकारियों के आने से लगभग 25 मिनट पहले लड़की को बॉक्स के अंदर छिपा दिया था।

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पुलिस ने बताया कि बच्ची एक तंग, नो वेंटिलेशन जगह पर दुबकी हुई मिली और वह बहुत सदमे में लग रही थी। उसे तुरंत पानी दिया गया और रेस्क्यू टीम ने उसे दिलासा दिया। थोड़ा संभलने के बाद, लड़की ने अधिकारियों को बताया कि वह 6 साल की उम्र से उस घर में काम कर रही थी। अब लगभग दस साल की, उसने कथित तौर पर कहा कि उसने कई साल घरेलू सहायिका के रूप में काम किया है और उसे शारीरिक यातना दी गई, जिससे पड़ोसियों द्वारा की गई शिकायतों की पुष्टि हुई।

रेस्क्यू के बाद, दिसपुर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 138 के तहत, साथ ही यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। बच्ची को मेडिकल जांच और मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए एक सरकारी सुविधा केंद्र में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि कथित दुर्व्यवहार और शोषण की पूरी सीमा का पता लगाने के लिए अरिना लस्कर खातून से पूछताछ जारी है।