गुड़गांव में बारिश के बाद सड़क का क्या होता होता है इसका वीडियो सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल होता है। इस बार हुआ यूं कि बारिश के बाद जलभराव हो गया, सड़क पर मानो नदी बह रही है। इसी बीच पुरानी कार बेचने वाली कंपनी Cars24 ने जलभराव वाली सड़क पर एक ब्रांडेड नीली नाव उतार दी।

कंपनी की अधिकारी प्राची शर्मा ने बताया कि नाव पर “Cars24” लिखा था और चार लोग सवार थे। कंपनी ने ये स्टंट इसलिए किया ताकि लोगों को शहर में हर साल होने वाले जल-जमाव पर ध्यान जाए और मुक्ति मिल सके हालांकि कहानी में तब नया मोड़ आ गया जब कुछ ही देर में पुलिस ने कंपनी को 50,000 रुपये का चालान पकड़ा दिया। इस चालान का कारण था सड़क पर नाव चलाना। सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा है।

नाव स्टंट से लोगों की हुई मदद

पुलिस ने नाव उतारने पर चालान तो काट दिया मगर इसके बाद जो हुआ उसकी चर्चा हर तरफ हो रही है, जब लोगों ने सड़क पर नाव देखी तो जलभराव से बचने के लिए उसमें बैठकर घर जाने लगे।

प्राची शर्मा ने का कहना है कि चालान कटने के बाद भी लोग खुद ही नाव में बैठकर पानी वाली सड़क पार करने लगे। उनके लिए यह सुविधाजनक तरीका बन गया। उन्होंने आगे लिखा, “जब कोई मज़ाक लोगों के काम आने लगे तो वो मज़ाक नहीं रहता।” कंपनी ने यह भी कहा कि अगर फिर से जरूरत पड़ी तो वो फिर से चालान भरेंगे और नाव उतारकर लोगों की मदद करेंगे।

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लोगों ने क्या कहा?

देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों का कहना है कि “चालान काटने से ज्यादा जरूरी था कि सरकार जल-जमाव पर ध्यान दे। सालों से पानी भरता है पर कोई जिम्मेदारी लेने के राजी नहीं है।” अन्य ने कहा – “नाव पर लाइफ जैकेट नहीं थी, इसलिए चालान बना।” हालांकि कई यूजर्स ने इसे “स्मार्ट मार्केटिंग” बताया और कहा “50,000 में इतना प्रचार मिल गया, ये सस्ता ही पड़ा।”

शर्मा की पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गई और उस पर लोगों की कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूज़र ने लिखा, “हो सकता है कि नाव ही मुख्य आकर्षण रही हो, लेकिन असली बात यह है कि लोगों को यह उपयोगी लगी। जब कोई मज़ाक किसी समस्या को हल करने लगता है, तो यह उस कैंपेन से कहीं ज़्यादा उस जगह के इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बहुत कुछ कहता है।”

एक और यूज़र ने कमेंट किया, “मुझे लगता है कि चालान का कारण यह है कि नाव पर किसी ने भी लाइफ़ जैकेट नहीं पहनी थी। किसी भी बोट राइड के लिए यह ज़रूरी है।” एक तीसरे यूज़र ने अपनी बात जोड़ते हुए कहा, “चालान को इस स्मार्ट मार्केटिंग कैंपेन की लागत मानिए, ऐसे कैंपेन ही किसी ब्रांड का स्टैंडर्ड बढ़ाते हैं।”

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