ताज़ा खबर
 

पचास दिन बाद भी कम नहीं हुई परेशानी, फूटा लोगों का गुस्सा, कहा – गुल्लक चोर हैं मोदी

नोटबंदी को पचास दिन से ज्यादा बीत चुके हैं। बैंकों और एटीएम में पहले के मुकाबले भीड़ भी कम रहने लगी है।

शनिवार (7 जनवरी) को ट्विटर पर #गुल्लक_चोर_मोदी ट्रेंड कर रहा था।

नोटबंदी को पचास दिन से ज्यादा बीत चुके हैं। बैंकों और एटीएम में पहले के मुकाबले भीड़ भी कम रहने लगी है। लेकिन लोगों का गुस्सा अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार (7 जनवरी) को ट्विटर पर #गुल्लक_चोर_मोदी ट्रेंड कर रहा था। इसपर नोटबंदी के कारण लोगों को हुई परेशानी का जिक्र करके मोदी और बीजेपी पर निशाना साधा जा रहा था। एक ने लिखा, ‘मोदी ने महिलाओं की छोटी बचत को लूटा और उन्हें परेशान किया। अब उन्हीं पैसों से अडानी का महल तैयार करवाया जा रहा है।’ दूसरे ने लिखा, ‘#गुल्लक_चोर_मोदी जनता का दुःख-दर्द तो समझो, आप की देश विरोधी नीतियों से जनता परेशान है’, अगले ने प्रशांत किशोर का नाम लेते हुए कहा, ‘जिसने मोदी लहर बनाई,आज वो ही देश को मोदी के कहर से बचाने के लिए तोड़ बना रहा! भाजपा का असली रंग #PrashantKishore भांप गया।’

इसके अलावा भी कुछ ट्वीट आए। एक ने लिखा, ‘मोदी की नोटबंदी ने गरीब लोगों की बचत को लूट लिया। उन्होंने कितनी मुश्किल से पैसा जोड़ा था जिसे अब वे निकाल भी नहीं पा रहे।’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हालात सामान्य किए जाने के लिए मांगा गया वक्त 30 दिसंबर को पूरा हो गया है। नोटबंदी का ऐलान किए जाने के बाद से मोदी हर बार अपने भाषणों में देश की जनता से कह रहे थे कि उन्हें 50 दिन का समय दें, इसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगेंगे। 50 दिन पूरा होने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पीएम नरेंद्र मोदी और मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि कहा कि धन की निकासी पर लगे प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। हालांकि 50 दिन पूरे होने के बाद भी मोदी सरकार ने नोट निकासी पर लगे हुए बैन को बरकरार रखा। लेकिन नोट निकासी की राशि को बढ़ाकर आम जनता को थोड़ी राहत जरुर दी है। मोदी सरकार ने 1 जनवरी से निकासी की सीमा को ढाई हजार से बढ़ाकर 4500 किया था।

देखिए कैसे-कैसे ट्वीट आए –

 

 

इस वक्त की बाकी ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें 

देखिए संबंधित वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App