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बीजेपी विधायक की डांट से निकले आंसुओं का IPS चारु निगम ने दिया जवाब, कहा- मेरे आंसुओं को मेरी कमज़ोरी न समझना

चारु निगम ने अपने इस पोस्ट में उस वाकये के बारे में भी लिखा है और बताया है कि उस दिन आखिर हुआ क्या था और उनके आंसू क्यों निकले थे।

Author Updated: May 8, 2017 11:06 AM
तस्वीर का इस्तेमाल वीडियो से किया गया है।

गोरखपुर के बीजेपी विधायक की फटकार के बाद जिस आईपीएस अधिकारी चारु निगम के आंसू निकल आए थे उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर अपने मन की बात लिखते हुए कहा है कि मेरे आंसुओं को मेरी कमजोरी ना समझना। लेडी सिंघम के नाम से मशहूर चारु निगम ने उनके साथ बीजेपी विधायक की अभद्रता पर देश सोशल मीडिया और मीडिया से मिले समर्थन के लिए धन्यवाद कहा है। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि मुझे कमजोर पड़ने की ट्रेनिंग नहीं मिली है लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गई थी कि आंसू निकल पड़े। आपको बता दें कि गोरखपुर में बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल की फटकार के बाद लेडी आईपीएस चारू निगम की आंख में आंसू आ गए थे। राधा मोहन दास अग्रवाल के मुताबिक आईपीएस ने कच्ची शराब के विरोध में प्रदर्शन करने वाली महिलाओं पर लाठीचार्ज कराया। लाठीचार्ज के विरोध में वहां के लोगों ने सड़क जाम कर दिया था। जाम देखकर गुस्साए वीजेपी विधायक ने चारु निगम को इतनी जोर से डांटा कि उनके आंसू निकल आए थे।

 

इस घटना के मीडिया में आते ही सोशल मीडिया पर बीजेपी विधायक के लिए लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। लोगों के समर्थन को देख गोरखनाथ सीओ चारु निगम ने फेसबुक पोस्ट से फने दिल की बात सामने रखी है। अपने पोस्च में उन्होंने किसी कविता की चार पंक्तियां लिखीं जो इस तरह से हैं-

‘मेरे आँसुओं को मेरी कमज़ोरी न समझना,
कठोरता से नहीं कोमलता से अश्क झलक गये।
महिला अधिकारी हूँ तुम्हारा गुरूर न देख पायेगा,
सच्चाई में है ज़ोर इतना अपना रंग दिखलाएगा।’

अपने इस पोस्ट में उन्होंने उस वाकये के बारे में भी लिखा है और बताया है कि उस दिन आखिर हुआ क्या था और उनके आंसू क्यों निकले थे। उन्होंने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए लिखा है कि आप लोग इस घटना पर संयम बनाए रखे। मुझे तकलीफ हुई थी लेकिन अब सबकुछ ठीक है।

चारु निगम के इस पोस्ट पर भी लोगों ने जमकर उनका साथ दिया है। कुय़ यूजर्स ने लिखा कि आपके जज्बे को सलाम है तो वहीं कुछ लोगों ने ये भी लिखा कि आंसू कमजोरी नहीं संवेदनशीलता की निशानी हैं और इसमें कुछ बुरा नहीं है।

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