Gorakhpur News: गोरखपुर में मूसलाधार बारिश के बाद बने भीषण जलभराव के बीच सियासत गरमा गई है। शहर के बेतियाहाता क्षेत्र में पानी भरने की समस्या को लेकर गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन और स्थानीय भाजपा पार्षद व अधिवक्ता विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई तीखी बहस का ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बारिश के चलते आई मुसीबत के बीच राहत और बचाव कार्यों के बीच जनप्रतिनिधियों की इस तकरार ने सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर की खींचतान को उजागर कर दिया है, जिसके चलते सांसद रवि किशन ने पूछ लिया कि क्या उन्होंने सपा जॉइन कर ली हैं।
सांसद और पार्षद के बीच तल्ख हो गया माहौल
जलभराव से परेशान जनता की शिकायत लेकर जब पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने सांसद रवि किशन को फोन मिलाया, तो बातचीत समस्या के समाधान पर होने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। पार्षद ने जब सांसद को जमीनी हकीकत और उनके दावों के अंतर से अवगत कराने की कोशिश की, तो माहौल अचानक तल्ख हो गया।
‘का हो सपा ज्वाइन कई लेहला का?’
फोन पर बातचीत के दौरान जब पार्षद ने इलाके की बदहाली बयां की, तो सांसद रवि किशन नाराज हो गए। उन्होंने अपने खास भोजपुरी अंदाज में भड़कते हुए सवाल किया, “का हो, सपा ज्वाइन कई लेहला का?” सांसद के इस सवाल पर पार्षद भी पीछे नहीं हटे और उन्होंने तुरंत जवाब दिया।
पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने सांसद के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, “हम शहर की बदहाली और लोगों की परेशानी बता रहे हैं, आप मुझसे सपा में जाने की बात कर रहे हैं?” पार्षद ने तंज कसते हुए आगे कहा, “क्या आपने बसपा ज्वाइन कर ली है जो ऐसी बातें कर रहे हैं?” दोनों नेताओं के बीच हुई यह बातचीत मिनटों में इंटरनेट पर वायरल हो गई।
रामगढ़ताल की लोकेशन पर घमासान
वायरल वीडियो में पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी रामगढ़ताल के मुख्य द्वार पर खड़े होकर स्थिति दिखाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सांसद रवि किशन अपना लोकेशन उसी जगह का बता रहे थे, लेकिन मौके पर वे कहीं मौजूद नहीं थे। पार्षद ने सार्वजनिक रूप से सांसद के दावों पर सवाल उठाते हुए उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए।
इस पूरे विवाद में पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा का विषय बनी हुई है। विश्वजीत पहले समाजवादी पार्टी से चुनाव जीतकर पार्षद बने थे और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। भाजपा में रहते हुए भी अपनी ही पार्टी के सांसद से इस तरह उलझने की घटना ने स्थानीय संगठन के भीतर अंदरूनी असंतोष को सार्वजनिक कर दिया है।
कांग्रेस और सपा ने साधा निशाना
सांसद और पार्षद के बीच हुई इस नोकझोंक के बाद विपक्षी दलों को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया। कांग्रेस ने वायरल ऑडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा कि जो सांसद अपनी ही पार्टी के पार्षद की बात सुनने को तैयार नहीं हैं, वे आम जनता की फरियाद क्या सुनेंगे? कांग्रेस ने इसे जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता करार दिया।
समाजवादी पार्टी की नेता काजल निषाद ने भी इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में विकास और ड्रेनेज सिस्टम के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन पहली ही बारिश ने नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए सांसद सवाल पूछने वालों पर भड़क रहे हैं।
विवाद के बाद ग्राउंड पर उतरे सांसद
विवाद के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर फजीहत होने के बाद सांसद रवि किशन सक्रिय मोड में नजर आए। उन्होंने गोरखपुर के नगर आयुक्त अजय जैन और महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के साथ मिलकर जलभराव से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और नगर निगम अधिकारियों को तुरंत पंप लगाकर पानी निकालने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि शनिवार को गोरखपुर में महज कुछ घंटों के भीतर 164 एमएम की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए भी पूर्वांचल में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है।
ऐसे में प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ इस राजनीतिक तकरार का असर आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति पर दिखना तय माना जा रहा है।
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