भारतीय रैली दिग्गज हरि सिंह अब भी लापता हैं। मालदीव में शुक्रवार तड़के हुए मोटर बोट क्रैश के बाद से वे और बोट सवार एक अन्य शख्स लापता हैं। उन्हें ढूंढ निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। दोनों को समंदर में स्पॉट करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि मालदीव के वी फेलिधू के पास हुए इस हादसे के दौरान बोट में उद्योगपति गौतम सिंघानिया (रेमंड के मालिक), मशहूर रैली ड्राइवर हरि सिंह समेत सात लोग सवार थे।

इन लोगों में 5 भारतीय, 1 ब्रिटिश और 1 रूसी नागरिक शामिल थे। जबकि हादसे के बाद गौतम को रेस्क्यू करके वापस मुंबई ले आया गया, मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले मशहूर रैली ड्राइवर हरि सिंह का पता लगाना अभी भी बाकी है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सिंह उन दो लोगों में शामिल हैं, जो हादसे के बाद से लापता है।

सूत्रों का कहना है कि सिंह और एक अन्य कैप्टन लापता हैं, लेनिक अधिकारियों ने इस बात की संभावना से जरा भी इनकार नहीं किया है कि दोनों की मौत भी हो सकती है। सूत्र ने पीटीआई को बताया कि मालदीव के अधिकारियों ने बताया है कि माना जा रहा है कि हरि सिंह और कैप्टन समुद्र में एक कोरल रीफ के काफी अंदर फंस गए हैं।

कौन हैं हरि सिंह?

हरि सिंह (59) भारत के जाने माने रैली ड्राइवरों में से एक हैं। देश के मोटरस्पोर्ट जगत में उन्हें दिग्गज माना जाता है। उन्होंने 1990 के दशक में पांच बार इंडियन नेशनल रैली चैंपियनशिप जीती, और कई अंतरराष्ट्रीय रैली प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। सिंह ने पहली एशिया जोन रैली चैंपियनशिप भी जीती है।

चंडीगढ़ में जन्मे और पले-बढ़े, उन्हें मोटरस्पोर्ट की दुनिया में प्यार से “फ्लाइंग सिख” और “जिप्सी किंग” के नाम से जाना जाता है, क्योंकि वे ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर मारुति सुजुकी जिप्सी चलाने में माहिर हैं। साल 2015 में, गोवा में आयोजित ‘फोर्स गुरखा RFC इंडिया 2015’ में उन्हें ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था।

सिंह ने JK Tyre Motorsport में ‘हेड ऑफ ऑपरेशंस’ के तौर पर काम किया। इसके अलावा, उन्होंने Mercedes-Benz India में ‘चीफ इंस्ट्रक्टर’ के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।