Google Trends: पश्चिम बंगाल की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चल रही तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान ने नया मोड़ ले लिया है। जिस विवाद ने पार्टी के भीतर बड़े सियासी संकट की आशंका पैदा कर दी थी, उसी पर अब फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है। वजह है TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के बीच अचानक दिखाई दी नरमी।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि महज 24 घंटे पहले तक दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी चरम पर थी। कल्याण बनर्जी ने खुलकर अभिषेक बनर्जी के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था और यहां तक कह दिया था कि वह अभिषेक से जुड़े कानूनी मामलों से खुद को अलग कर रहे हैं। उनके तीखे बयानों ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी थी और पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों की चर्चा तेज हो गई थी। लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है।
पार्टी नेतृत्व की अहम बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने बेहद संतुलित और नरम रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी उन्हें बचपन से जानते हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। ऐसे में अगर वे उनकी आलोचना करते हैं या कुछ कड़ी बातें कहते हैं तो उन्हें इसका पूरा अधिकार है। अभिषेक ने साफ संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं और अनावश्यक विवाद से बचना चाहते हैं।
अभिषेक के इस बयान के बाद कल्याण बनर्जी ने भी अपने तेवर नरम कर लिए। उन्होंने कहा कि वह अभिषेक के बयान का स्वागत करते हैं और उन्हें अपने बेटे जैसा मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई में पार्टी के सभी नेताओं को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उनके मुताबिक, मौजूदा राजनीतिक हालात में संगठन की एकता सबसे बड़ी जरूरत है।
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TMC नेतृत्व किसी भी कीमत पर अंदरूनी विवाद को बड़ा रूप नहीं देना चाहता। हाल के राजनीतिक झटकों और संगठन के भीतर बढ़ रही असहजता के बीच पार्टी नेतृत्व एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
यही वजह है कि कल तक जो विवाद सुर्खियों में था, आज उसी में सुलह के संकेत दिखाई दे रहे हैं। हालांकि सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह शांति लंबे समय तक कायम रहेगी या फिर आने वाले दिनों में मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आएंगे।
फिलहाल इतना तय है कि TMC में छिड़ी इस सियासी जंग पर अभी के लिए ब्रेक लग गया है। अभिषेक और कल्याण बनर्जी के बदले हुए सुरों ने बंगाल की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।
यह भी पढ़ें: किस-किस ने की ममता बनर्जी से बगावत? लिस्ट में बागी 19 सांसदों के दस्तखत होने का दावा
टीएमसी से बगावत करने वाले सांसदों की लिस्ट सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, दावा किया गया है कि इस लिस्ट में 19 सांसदों ने अपने नाम के आगे दस्तखत किए हैं। इन सांसदों ने टीएमसी से अलग गुट बनाने की मांग को लेकर लोकसभा स्पीकर के दफ्तर को 18 मई को पत्र लिखा था। इस लिस्ट में काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, सयानी घोष और यूसुफ पठान जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। ये सभी एक वक्त में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
