Google Trends: 15 अगस्त की तैयारियों के बीच शनिवार को प्रयागराज में सियासत के साथ युवाओं से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत प्रयागराज पहुंचे और छात्रों से शिक्षा, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया। कार्यक्रम स्थल पर लगे ‘रील मंत्री, हमें रियल जॉब्स दो’ जैसे पोस्टरों ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
राहुल गांधी ने 4 अगस्त को किया था ऐलान
राहुल गांधी ने 4 अगस्त को घोषणा की थी कि वह 8 अगस्त को प्रयागराज पहुंचकर ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को आगे बढ़ाएंगे। इस अभियान के केंद्र में बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दे हैं।
इससे पहले कोटा और देहरादून में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। प्रयागराज का कार्यक्रम भी युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद की इसी कड़ी का हिस्सा रहा।
KP ग्राउंड में छात्रों से सीधा संवाद
राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। शहर के केपी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से शिक्षा और रोजगार समेत युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रयागराज के अलावा देशभर के 250 से अधिक शहरों के छात्र भी इस संवाद से लाइव जुड़े।
कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर और पोस्टर भी चर्चा में रहे। इनमें एक पोस्टर पर लिखा था – ‘रील मंत्री, हमें रियल जॉब्स दो’। इस पोस्टर को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा गया।
इस दौरान रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे भी कार्यक्रम के केंद्र में रहे।
राहुल गांधी बोले- भारत की ताकत हैं युवा
राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत युवाओं को भारत की ताकत बताते हुए की। उन्होंने कहा, “आप भारत की ताकत और गौरव हैं।” इसके बाद उन्होंने कहा कि वह छात्रों से “दर्द, डेटा और दौलत” के बारे में बात करना चाहते हैं।
राहुल गांधी ने भारत के करीब 40 करोड़ युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि दुनिया में अमेरिका, चीन और रूस जैसे देशों की चर्चा होती है, लेकिन भारत के युवा भी देश की बड़ी शक्ति हैं।
उन्होंने शिक्षा और युवाओं की स्थिति से जुड़े मुद्दे उठाते हुए शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को लेकर भी चिंता जताई।
बेरोजगारी और पेपर लीक पर कांग्रेस का फोकस
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के जरिए कांग्रेस बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं और कथित पेपर लीक जैसे मुद्दों को युवाओं के बीच उठा रही है। प्रयागराज में भी इन मुद्दों को कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा बनाया गया।
कांग्रेस का दावा है कि युवाओं के बीच रोजगार और भर्ती परीक्षाओं को लेकर असंतोष है। पार्टी इसी मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर निशाना साध रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों और भगवान की पूजा दोनों हर परिवार का हिस्सा हैं और उनके मुताबिक भाजपा ने दोनों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इसकी गूंज हर जगह सुनाई देगी।
यह कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। भाजपा और अन्य राजनीतिक दल इन मुद्दों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देते रहे हैं।
2027 से पहले क्यों अहम है प्रयागराज का कार्यक्रम?
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में युवाओं और छात्रों के बीच रोजगार, शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस की सक्रियता को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
प्रयागराज का कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस राहुल गांधी के जरिए युवाओं से सीधे संवाद और उनके मुद्दों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, इस तरह के कार्यक्रमों से युवाओं के बीच कांग्रेस की स्वीकार्यता कितनी बढ़ती है और इसका चुनावी असर कितना होता है, इसका जवाब आने वाले समय में ही मिलेगा।
फिलहाल प्रयागराज में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम ने रोजगार, शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवालों को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उनके द्वारा दिए गए बयान पर सफाई दी है। शशि थरूर ने अफसोस जताया है कि मीडिया उनके बयान को कांग्रेस या उसके नेतृत्व पर हमले के तौर पर पेश कर रहा है। थरूर ने कहा था कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन को जितना Gen-Z का समर्थन मिला था उतना ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को नहीं मिला। इस टिप्पणी को लेकर विवाद होने के बाद थरूर ने शनिवार को दावा किया कि पत्रकारों ने उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
