कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नेपाल बाढ़ पर पोस्ट करना भाड़ी पड़ गया है, नेपाल में आई भीषण तबाही को थरूर ने ‘पहाड़ों में हुआ ड्रामा’ बता दिया। थरूर के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि 160 लोगों की मौत, 2000 से ज्यादा लापता, 19 पुल बह गए, 40 किलोमीटर हाईवे तबाह और आप इसे ड्रामा बता रहे हैं? पोस्ट को लेकर सांसद थरूर की जमकर किरकिरी हो रही है, भाषा पर पकड़ के लिए मशहूर थरूर से लोगों को ऐसी उम्मीद नहीं थी। लोग इस पोस्ट पर जमकर कमेंट कर रहे हैं।

दरअसल, नेपाल में अचानक आई जानलेवा बाढ़ पर चिंता जाहिर करने वाले कांग्रेस नेता शशि थरूर के पोस्ट की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है। यूज़र्स को इस आपदा को “पहाड़ों में हुआ ड्रामा” कहने पर आपत्ति है। एक्स पर पर किए गए एक पोस्ट में थरूर ने कहा कि उन्हें काठमांडू पहुंचने तक वहां हुई तबाही के बारे में पता नहीं था। उन्होंने पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाई और नेपाल को भारत की ओर से दी जा रही राहत का समर्थन किया, सोशल मीडिया पर सांसद थरूर की पोस्ट वायरल हो रही है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ऐसा क्या कह दिया

तिरुवनंतपुरम के सांसद ने लिखा, “कल काठमांडू के लिए निकला था और मुझे बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि पहाड़ों में ऐसा ‘ड्रामा’ हुआ है जिसने इतनी भयानक तबाही मचाई है।” उन्होंने आगे कहा कि वहां पहुंचने पर पता चला कि जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। अब तक 160 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और अनुमान है कि लगभग 2000 या उससे ज़्यादा लोग लापता हैं। बाढ़ के तेज़ पानी ने कम से कम 19 ऐसे पुलों को नष्ट कर दिया जिन पर गाड़ियां चल सकती थीं, बेट्रावती-रासुवागढ़ी हाईवे का लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा बहा ले गया और आठ पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। मैं भारत सरकार द्वारा तुरंत राहत सहायता देने के वादे का पूरी तरह समर्थन करता हूं, नेपाल को हर संभव मदद की ज़रूरत है।”

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थरूरू ने आगे कहा “मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिजनों के साथ हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जिनमें से सौ लोग कैलाश-मानसरोवर यात्रा कर रहे थे। लापता लोगों के लिए प्रार्थना है; उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही बचा लिया जाएगा।” इसके साथ ही उन्होंने उस इलाके में मौजूद भारतीयों पर पड़े असर का भी ज़िक्र किया, जिनमें पर्यटक और कैलाश-मानसरोवर यात्रा कर रहे लगभग 100 लोग शामिल हैं।

‘क्या आप यही सोच पाए?’

इस पोस्ट की काफ़ी चर्चा हो रही है, कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस आपदा के लिए थरूर के शब्दों के चुनाव की आलोचना की है। एक यूज़र ने लिखा, “हमने पर्यावरण को बर्बाद किया, और अब पर्यावरण हमें बर्बाद कर रहा है। बस यही बात है।” एक और यूज़र ने कहा, “‘ड्रामा’ से अनजान” इतने अच्छे शब्द-भंडार वाले शख्स के लिए शब्दों का यह चयन बहुत खराब है।”

एक अन्य ने लिखा, “ड्रामा? आप तो शब्दों के माहिर हैं और आपने यही सोचा, सच में?” एक चौथे यूज़र ने कहा, “‘ड्रामा’!! इसकी उम्मीद नहीं थी, खासकर भाषा पर आपकी पकड़ को देखते हुए!”

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उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है, जिसमें वह बैसाखी के सहारे पुलिस अधीक्षक (SP) के ऑफिस पहुंचकर अपने घर में पानी की सप्लाई बहाल करने के लिए उनका शुक्रिया अदा करती दिख रही हैं। पुलिस अफसर को देखते ही दिव्यांग रोने लगी इस पर महिला अधिकारी ने उसे गले से लगा लिया। चलिए बताते हैं कि पूरी कहानी क्या है। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…