Google Trends: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से टेक इंडस्ट्री की कंपनियां लगातार नौकरियां कम कर रही हैं, कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं। इस कारण जॉब मार्केट तेजी से बदल रहा है। जहां इंडस्ट्री की कुछ बड़ी कंपनियों ने चेतावनी दी हैं कि एआई की वजह से भविष्य में बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म हो सकती हैं, वहीं मेटा (Meta) के CEO मार्क ज़करबर्ग का नजरिया कुछ और ही कहता है।
मार्क ज़करबर्ग का कहना है कि एआई से नौकरियां जाएंगी नहीं बल्कि नए अवसर बनेंगे। असल में एआई को लेकर डर का माहौल है क्योंकि टेक कंपनियां लगातार छंटनी कर रही हैं और कहा जा रहा है कि आने वाले समय में एआई के कारण लाखों लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। हालांकि फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा के सीईओ के मार्क ज़करबर्ग इस बात से सहमत नहीं है। उनका कहना है कि एआई की वजह से नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बल्कि इससे नए रास्ते खुलेंगे और लोगों को जॉब मिलेगा। उनका मनना है कि इससे नए बिजनेस पैदा होंगे। इस खबर की सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है, लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि खुद छटनी करने वाले एआई से नौकरी मिलने की बात कर रहे हैं।
“AI इंसानों को बेकार नहीं करेगा”
मेटा की वेबसाइट पर एक लेख में ज़करबर्ग ने इस भविष्यवाणी को गलत बताया कि एआई के कारण इंसानों की जरूरत ही खत्म हो जाएगी। उन्होंने आगे यह भी लिखा, “मुझे समझ नहीं आता कि जो लोग मानते हैं AI ज़्यादातर नौकरियां खत्म कर देगा, वे ऐसा भविष्य बनाने की जल्दी क्यों कर रहे हैं।”
ज़करबर्ग का मानना है कि यह सोचना भी गलत है कि एआई को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ 2-4 बड़ी कंपनियों के हाथ में सारी ताकत दे दी जाए। इतिहास गवाह है कि जब एक जगह पूरी ताकत चली जाती है तो उसके नतीजे कभी अच्छे नहीं होते हैं।
एआई से बनेंगे ये नए काम
दुनिया के 6वें सबसे अमीर शख्स ज़करबर्ग का मानना है कि एआई AI की वजह से बड़ी संख्या में नई नौकरियां पैदा होंगी। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि एआई की वजह से ऐसे नए प्रोडक्ट, सर्विस और इंडस्ट्री आएंगी जिनके बारे में हम अभी नहीं सोचते हैं।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि 20 साल पहले ऐप डेवलपर, सोशल मीडिया क्रिएटर, ईवी टेक्नीशियन और डेटा सेंटर ऑपरेटर जैसे काम नहीं थे। आज ये सबसे ज्यादा डिमांड वाले करियर बन गए हैं।
ज़करबर्ग के अनुसार, भविष्य में ऐसे काम आएंगे जिनमें वर्ल्ड बिल्डर होंगे जो वर्चुअल दुनिया बनाएंगे और पर्सनल बायोलॉजिस्ट भी जो हर इंसान के लिए अलग इलाज करेंगे। घर बैठे प्रोडक्ट डिजाइनर अकेले ही फिजिकल सामान डिजाइन करेंगे।
मुश्किल दौरा आएगा
ज़करबर्ग ने यह भी माना कि यह बदलाव आसान नहीं होगा, अगर एआई तेजी से नौकरियां खत्म कर दे और लोग नई स्किल उस स्पीड से न सीख पाएं तो समाज के लिए एक “मुश्किल दौर” आ सकता है। इससे बचने के लिए उन्होंने सरकार और कंपनियों से अपील की कि लोगों को उन कामों के लिए तैयार किया जाए जहां ऑटोमेशन का असर कम हो।
उनके अनुसार बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन और कंस्ट्रक्शन वर्कर जैसे हुनर वाले लोगों की डिमांड सबसे ज्यादा बढ़ेगी। क्योंकि एआई के लिए डेटा सेंटर और नई टेक्नोलॉजी का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए इन्हीं लोगों की जरूरत पड़ेगी।”
हर किसी को कॉलेज जाने की जरूरत नहीं
हार्वर्ड से पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले ज़करबर्ग ने शिक्षा को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महंगी कॉलेज की डिग्री हमेशा जरूरी होती है, खासकर जब वो नौकरी के लिए तैयार न करे।
उन्होंने यह भी कहा, “अगर कॉलेज सिर्फ सोशल करने की जगह होता और फीस न लगती तो ठीक था लेकिन ये आपको नौकरी के लिए तैयार नहीं करता और आप अपनी पढ़ाई कर्ज के साथ शुरू करते हैं, ये सही नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है जब हमें ये सोचना होगा कि “शायद हर किसी को कॉलेज जाने की जरूरत नहीं है।
यह भी पढ़ें- “मुंबई का सिंघम” एफडीए के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने दोस्तों के लिए बनाई चाय
Tukaram Mundhe Makes Tea for Friends, Video Goes Viral: महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे भले ही पूरे राज्य में फ़ूड सेफ़्टी की देखरेख करते हैं लेकिन वीडियो में वे बस एक मेज़बान नजर आ रहे हैं जो दोस्तों के लिए चाय बना रहे हैं। रोहन भामकर के इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में मुंढे को एक कार्यक्रम के बाद अपने घर पर दोस्तों के लिए चाय बनाते हुए देखा जा सकता है। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
