माता वैष्णो देवी धाम में बीते शनिवार को कुछ ऐसा हुई, जिससे इस धार्मिक स्थल के प्रति लोगों की आस्था और मजबूत हो गई। यहां बहन को उसका 50 दिन पहले खोया हुआ भाई मिल गया। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले अभिषेक मिश्रा बीते 20 फरवरी को बिना किसी को बताए घर से निकल गए थे। तब से परिवार को उनकी तलाश थी।
दोनों भाई बहन का बाणगंगा मार्ग पर मिलन हुआ। हालांकि, तब वो ज्यादा कुछ बात करने की स्थिति में नहीं था। उसकी वेश-भूषा किसी भिखारी सी हो रखी थी। हाथ में कंबल, मैले-कुचैले कपड़े, दाढ़ी और बाल बढ़े हुए। बहन ने उसे पहचान लिया और गले लगकर रो पड़ी।
गाजियाबाद जिले के जनकपुरी साहिबाबाद निवासी अभिषेक फैमिली क्राइसिस के कारण बीते कुछ समय से अवसाद में थे। परिवार के अनुसार पहले पिता ओमप्रकाश मिश्रा की मौत और फिर मां की गंभीर बीमारी ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था। फरवरी में जब वे अपनी मां को डॉक्टर के पास ले गए थे, तब डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और मां का घर पर ही ख्याल रखने को कहा था।
यह सुनकर अभिषेक गहरे सदमे में चले गए और घर छोड़कर कहीं निकल पड़े। बहन आंचल मिश्रा के अनुसार अभिषेक की वैष्णो देवी धाम के प्रति बचपन से ही बहुत आस्था रही है। वो कई बार दर्शन भी कर चुके हैं। परिवार को इस बात पर विश्वास था कि वो मां की सेहत में बेहतरी के लिए प्रार्थना करने वहां ही गए होंगे।
हालांकि, इस बीच 28 फरवरी को उनकी मां का निधन हो गया। लेकिन परिवार अभिषेक से संपर्क नहीं कर पाया। मां के अंतिम संस्कार के बाद बहन आंचल अपनी मौसी के साथ उसकी तलाश करने कटड़ा पहुंची। उन्होंने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कार्यालय में संपर्क किया और अपनी परेशानी सुनाई। बहन की हालत देखकर श्राइन बोर्ड अधिकारियों ने तुरंत सहायता का आश्वासन दिया।
मामले में पुलिस की मदद लेते हुए एक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। लगातार कोशिशों के बाद शनिवार शाम को बाणगंगा मार्ग पर अभिषेक मिश्रा को तलाश लिया गया। भाई के मिलने के बाद बहन फूट-फूटकर रो पड़ी। उन्होंने मां वैष्णो देवी के चरणों में सिर झुकाकर धन्यवाद किया और आशीर्वाद लिया।
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