Google Trends: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने वाले लोगों की स्थिति चिंता पैदा कर रही है। अब तक लगभग 7.90 लाख लोगों के कार्ड बन चुके हैं, लेकिन अभी भी करीब दो लाख लोग इस योजना से वंचित हैं। जिनके कार्ड बने हुए हैं, उन्हें भी इलाज के दौरान कई बार परेशानी झेलनी पड़ती है। एक बड़ा कारण यह है कि जिला सिविल अस्पताल में आयुष्मान केंद्र तो है, लेकिन वहां प्रिंटर नहीं मिलने के कारण लोगों को कार्ड बनवाने के लिए बाहर जाना पड़ता है।

हाल ही में एक मामले में यह बात सामने आई, जब जिले के फतेहपुर तगा गांव के सुभान और उनके परिवार को नए कार्ड बनवाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। सुभान काम के दौरान गिर गए और उनके पैर में चोटें आई। निजी अस्पताल में इलाज के बाद परिवार उन्हें सिविल अस्पताल लेकर आया। वहां उनके कार्ड गुम होने की वजह से नया कार्ड बनवाने गए, लेकिन उन्हें बताया गया कि अभी प्रिंटर उपलब्ध नहीं है, इसलिए बाहर से प्रिंट करवाएं।

जिले के सिविल अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 16 आयुष्मान मित्र नियुक्त हैं। सिविल अस्पताल में तीन और अन्य केंद्रों में 13 आयुष्मान मित्र हैं। इनका काम मरीजों को कार्ड बनाने और इलाज में सहायता करना है। इसके अलावा आठ और आयुष्मान मित्र की नियुक्ति प्रस्तावित है।

स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार, जिन लोगों का परिवारिक वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है, वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। कार्डधारक सिविल अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ अटल सेवा केंद्रों से भी कार्ड बनवा सकते हैं।

डॉ. विकास सक्सेना, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना ने बताया कि “पहले प्रिंटर खराब था, अब ठीक हो गया है। कार्डधारकों को अपनी आयुष्मान आईडी याद रखनी चाहिए, क्योंकि इलाज के दौरान यही जरूरी होती है। हम और आयुष्मान मित्र नियुक्त कर रहे हैं ताकि जहां कमी है वहां सेवा पहुंच सके। लोगों को कार्ड बनवाने में आगे आना चाहिए।”

योजना में पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज होता है

आयुष्मान भारत योजना, जिसे पहले प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या NHPS कहा जाता था, गरीब परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान करती है। योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने पर बड़े और गंभीर इलाज की सुविधा मिलती है। योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या की कोई सीमा नहीं है। इसे 23 सितंबर 2018 को लांच किया गया था और तब से यह जारी है।

योजना में पात्र होने के लिए लाभार्थी का चिन्हित होना जरूरी है। आयुष्मान भारत योजना, जिसे पहले प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या NHPS कहा जाता था, गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज देती है। इस योजना के तहत किसी भी इम्पैनल्ड अस्पताल में सालाना 5 लाख रुपये तक का बड़ा और गंभीर इलाज मुफ्त होता है। योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या की कोई सीमा नहीं है। इसे 23 सितंबर 2018 को केंद्र सरकार ने शुरू किया था।

योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थी का चिन्हित होना जरूरी है। यूपी आयुष्मान की सीईओ अर्चना वर्मा के मुताबिक शुरुआत में SECC 2011 के आधार पर पात्र लोगों को शामिल किया गया। बाद में अन्य कई श्रेणियों के लोग इसमें शामिल हुए, जैसे अंत्योदय योजना के लाभार्थी, बीओसीडब्ल्यू श्रमिक, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर्स, कुंभ मेला वर्कर्स और पंजीकृत पत्रकार। योजना गरीब और कमजोर वर्गों के लिए बनी है, ताकि उन्हें बड़े इलाज में आर्थिक सुरक्षा मिल सके और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।

यूपी की सीईओ अर्चना वर्मा बताती हैं कि प्रारंभ में SECC 2011 के आधार पर पात्र लोगों को शामिल किया गया। इसके बाद समय-समय पर और कई श्रेणियां भी शामिल हुईं। इसमें अंत्योदय योजना के लाभार्थी, बीओसीडब्ल्यू श्रमिक, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर्स, कुंभ मेला वर्कर्स और पंजीकृत पत्रकार भी शामिल किए गए हैं।

हालांकि योजना का उद्देश्य गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना है, लेकिन जिलों में व्यवस्थागत कमियों और तकनीकी अड़चनों के कारण लोगों को अभी भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रिंटर, आयुष्मान मित्र की संख्या और कार्ड वितरण की प्रक्रियाओं में सुधार लाकर इसे ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस स्थिति को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई नियुक्तियों और तकनीकी सुविधाओं पर काम शुरू कर दिया है। लेकिन नागरिकों को भी कार्ड बनवाने में पहल करनी होगी ताकि योजना का लाभ समय पर उन्हें मिल सके और अस्पताल में मुफ्त इलाज का अधिकार सही मायने में लागू हो सके।

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योगी सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज कराने वाले परिवारों के लिए जहां कैशलेस उपचार सुनिश्चित किया गया है, वहीं योजना से जुड़े अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि पिछले एक वर्ष में आयुष्मान योजना के क्लेम निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक