Google Trends: पहले वसीयत बनाते समय लोग सिर्फ घर, जमीन, गाड़ी जैसी चल-अचल संपत्तियों का ध्यान रखते थे। लेकिन आज समय बदल गया है। अब हमारी डिजिटल संपत्तियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। इसमें आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स, ई-बुक्स, शेयर, डिजिटल वालेट और क्रिप्टोकरेंसी शामिल हैं। इनकी सुरक्षा और सही तरीके से ट्रांसफर होना अब जरूरी हो गया है।
आज स्मार्टफोन हमारे जीवन की “मास्टर चाबी” बन चुका है
आज स्मार्टफोन हमारे जीवन की “मास्टर चाबी” बन चुका है। बैंकिंग ऐप्स, परिवार के फोटो, टैक्स रिकॉर्ड्स, सब कुछ एक फोन में ही सिमट गया है। अगर फोन लॉक है और पासवर्ड, फेस लॉक या पैटर्न का कोई परिवार को पता नहीं है, तो जरूरत के समय पैसे या जरूरी डेटा तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए अपने डिजिटल अकाउंट्स में नामिनी जरूर बनाएं और उन्हें पासवर्ड तक पहुंच सुनिश्चित करें।
इसमें मदद के लिए आप पासवर्ड डायरी रख सकते हैं, या फिर पासकोड के लिए एक आपातकालीन फोल्डर बना सकते हैं। आज कई डिजिटल पासवर्ड मैनेजर भी हैं, जो आपातकालीन संपर्क सेट करने का ऑप्शन देते हैं। अगर आप लंबे समय तक अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करते, तो भरोसेमंद व्यक्ति को एक्सेस मिल सकता है।
अब सिर्फ बैंक अकाउंट ही नहीं, यूपीआई से जुड़े वालेट्स, रिवार्ड पॉइंट्स, फूड और ट्रैवल ऐप्स में जमा कैश बैलेंस भी संपत्ति की तरह हैं। ये फिजिकल स्टेटमेंट के बिना “डिजिटल” ही रहती हैं। हर डिजिटल वालेट और फिनटेक ऐप का रिकॉर्ड रखें और जांचें कि नामिनी अपडेट है या नहीं। इससे पैसा बिना कानूनी झंझट के सही व्यक्ति तक पहुंच जाएगा।
ईमेल और क्लाउड स्टोरेज भी सुरक्षित करना जरूरी है। Google में ‘निष्क्रिय अकाउंट मैनेजर’ और Apple में ‘लिगेसी कॉन्टैक्ट’ जैसी सुविधाएं हैं। ये आपातकाल में डेटा तक भरोसेमंद एक्सेस देती हैं। आज शेयर भी पूरी तरह डीमैट हो चुके हैं। कागज के शेयर प्रमाणपत्र अब लगभग खत्म हो गए हैं। इसलिए अपने डीमैट अकाउंट्स में बेनेफिशियल नामिनी रखना बेहद जरूरी है।
क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी के मामले सबसे संवेदनशील हैं। बैंक अकाउंट में मैनेजर मदद कर सकता है, लेकिन क्रिप्टो वालेट में कोई मैनेजर नहीं होता। अगर आप प्राइवेट की या सीड फ्रेज खो देते हैं, तो पैसा हमेशा के लिए चला जाता है। न अदालत, न तकनीकी एक्सपर्ट उसे वापस ला सकते हैं।
संक्षेप में, सिर्फ वसीयत बनाना ही काफी नहीं। अपनी डिजिटल संपत्ति की सुरक्षा और सही ट्रांसफर भी उतनी ही जरूरी हो गई है। आज की डिजिटल दुनिया में ये कदम आपके परिवार की सुरक्षा और आपकी मेहनत को बचाने के लिए अनिवार्य हैं।
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