लंदन में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, जिसमें ब्रिटेन के प्रसिद्ध ‘वेलकम कलेक्शन’ ने जैन समुदाय की 2,000 से अधिक पुरानी और दुर्लभ पांडुलिपियों को वापस लौटाने की घोषणा की है। ये पांडुलिपियां एक सदी से भी ज्यादा समय से लंदन में सुरक्षित रखी गई थीं। अब इन्हें जैन समुदाय को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
यह फैसला लंदन स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ जैनोलॉजी’ के साथ बातचीत और सहयोग के बाद लिया गया है। दोनों संस्थानों के बीच समझौते के बाद तय हुआ कि यह धरोहर अब अपने मूल समुदाय तक पहुंचाई जाएगी, ताकि उसका सही अध्ययन और संरक्षण हो सके।
15वीं से 19वीं शताब्दी तक की अनमोल धरोहर
इन पांडुलिपियों का संग्रह बेहद खास माना जा रहा है। इसमें 15वीं शताब्दी से लेकर 19वीं शताब्दी तक के धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक ग्रंथ शामिल हैं। ये ग्रंथ प्राकृत, संस्कृत, गुजराती, राजस्थानी और पुरानी हिंदी लिपियों में लिखे गए हैं।
इस संग्रह में जैन धर्म के प्रसिद्ध ग्रंथ जैसे ‘कल्पसूत्र’ की बेहद सुंदर चित्रित प्रति भी शामिल है। इसके अलावा चिकित्सा से जुड़े पुराने ग्रंथ और दुर्लभ पांडुलिपियां भी मौजूद हैं, जिनका ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक माना जाता है। कुछ दस्तावेज ऐसे भी हैं, जो भारतीय समाज और नैतिक मूल्यों के शुरुआती विचारों को दर्शाते हैं, जिनसे महात्मा गांधी जैसे नेता भी प्रभावित हुए थे।
इनमें से कई ग्रंथ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विचारों और ब्रिटिश शासन की आलोचना को भी दिखाते हैं, जिससे इनका ऐतिहासिक महत्व और बढ़ जाता है। समझौते के तहत इन पांडुलिपियों को पहले बर्मिंघम विश्वविद्यालय में स्थित ‘धर्मनाथ नेटवर्क इन जैन स्टडीज’ में रखा जाएगा। यहां शोधकर्ता और जैन समुदाय इनका अध्ययन, अनुवाद और संरक्षण कर सकेंगे।
सहयोग से संरक्षण की नई शुरुआत
इंस्टीट्यूट ऑफ जैनोलॉजी के प्रबंध न्यासी मेहुल संघराजका ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। उनका कहना है कि यह कदम सिर्फ वापसी नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक सहयोग का एक नया मॉडल है, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत को बेहतर समझ सकेंगी। वेलकम कलेक्शन और जैन संस्थानों के बीच हाल ही में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर हुए हैं। इसके बाद आगे की कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दुनिया भर के संग्रहालयों और संस्थानों के लिए एक उदाहरण बनेगा, जिससे सांस्कृतिक धरोहर को उसके मूल समुदायों तक वापस पहुंचाने की दिशा में नई सोच को बढ़ावा मिलेगा।
यह भी पढ़ें: Google Trends: क्रेडिट कार्ड नहीं इस्तेमाल करने पर भी हो जाता है नुकसान, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हैं यह भूल
Google Trends: आज के दौर में क्रेडिट कार्ड केवल खर्च करने का साधन नहीं रहा, बल्कि यह आपकी फाइनेंशियल पहचान का अहम हिस्सा बन गया है। बहुत से लोग कार्ड होने के बावजूद उसका इस्तेमाल नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे कर्ज से बचा जा सकता है। लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। अगर आप लंबे समय तक अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करते हैं, तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
