Former BAREILLY dm who wrote facebook post on Kasganj communal violence now writes post on Jinnah poster in Aligarh muslim university advices muslims - अब जिन्ना के हिमायतियों पर बरसे कासगंज हिंसा को दक्षिणपंथी साजिश बताने वाले पूर्व डीएम - Jansatta
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अब जिन्ना के हिमायतियों पर बरसे कासगंज हिंसा को दक्षिणपंथी साजिश बताने वाले पूर्व डीएम

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर पर पैदा हुए विवाद पर उन्होंने लिखा, "भारतीय मुसलमानों को लावारिस छोड़ जिन्ना 11 अगस्त 1947 को राज संभालने कराची चले गये, वे देश के साथ देश के मुसलमानों को तीन हिस्सों में बांटने के जिम्मेदार भी हैं. इतिहास जानो उन्हें हीरो मत बनाओ।"

बरेली के पूर्व डीएम आर विक्रम सिंह (फोटो-FACEBOOK/R Vikkram Singh)

कासगंज हिंसा पर फेसबुक पोस्ट लिखकर चर्चा में आने बरेली के पूर्व डीएम राघवेन्द्र विक्रम सिंह ने भारत में जिन्ना के हमायतियों को लताड़ लगाई है। राघवेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कि जिन्ना के समर्थन में खड़े होने वाले लोगों ने खुद को एक्सपोज कर दिया है। बता दें कि राघवेन्द्र विक्रम सिंह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के कासगंज में हिन्दू-मुस्लिम हिंसा पर पोस्ट लिखा था। तब उन्होंने लिखा था, “अजब रिवाज बन गया है, मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ, और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ, क्यो भाई वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली में खैलम में हुआ था, फिर पथराव हुआ, मुकदमे लिखे गये…” इस बार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर पर पैदा हुए विवाद पर उन्होंने लिखा, “भारतीय मुसलमानों को लावारिस छोड़ जिन्ना 11 अगस्त 1947 को राज संभालने कराची चले गये, वे देश के साथ देश के मुसलमानों को तीन हिस्सों में बांटने के जिम्मेदार भी हैं. इतिहास जानो उन्हें हीरो मत बनाओ।” एक पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा कि जिन्ना का समर्थन कर आप लोगों ने खुद को एक्सपोज कर दिया है ये आश्चर्यजनक है।

राघवेन्द्र विक्रम सिंह का ये पोस्ट यूपी के कासगंज में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के बाद दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद आया था। इस घटना में चंदन गुप्ता नाम के शख्स की मौत हो गई थी। बता दें कि अलीगढ़ स्थित एएमयू के छात्रसंघ के दफ्तर में 1938 से पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की एक तस्वीर लगी हुई है। हाल में अलीगढ़ से बीजेपी के सांसद सतीश गौतम ने मांग की है कि इस पोस्टर को अलीगढ़ विश्वविद्यालय से हटाया जाए। लेकिन एएमयू छात्र संघ का कहना है कि जन्ना इस विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं, इसलिए उनकी तस्वीर यहां से नहीं हटेगी। एएमयू छात्र संघ ने कहा कि वे जिन्ना की विचारधारा से सहमति नहीं जताते हैं, लेकिन यहां से उनकी तस्वीर हटाने का विरोध करते हैं।

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