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सैफई की जमीन बेचकर सड़क बनवाई थी? केशव मौर्य ने यूं ली अखिलेश यादव की मौज

उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच तीखी तकरार हुई।

Keshav Prasad Maurya
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

यूपी विधानसभा में अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य के बीच जमकर बहस हुई। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि क्या सैफई बेचकर मेट्रो, सड़क, एक्सप्रेस-वे बनवाया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष भड़क गये और जवाब में कहा कि तुम अपने पिता जी से पैसा लेकर आते हो?

 यूपी विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। 25 मई को विधानसभा कार्रवाई के दौरान अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य के बीच भिड़ंत हुई। अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने केशव पर तंज कसते हुए कहा कि ‘जनता ने इन्हें हराकर इनकी गर्मी निकाल दी।’ जवाब में केशव मौर्य ने कहा कि ‘आप भी 400 सीट का दावा कर रहे थे, आप खुद 100 सीट ही जीत पाए हैं।’

इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा कि ‘यह पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे हैं। ये भूल गए कि उनके जिला मुख्यालय की सड़क किसने बनाई? बताएं, फोर लेन किसने बनाई।’ जवाब में केशव प्रसद मौर्य ने कहा कि ‘माननीय अध्यक्ष जी, कृपया करके नेता प्रतिपक्ष को बता दीजिये कि ये पांच साल तक सत्ता में नहीं रहे और अगले पांच साल तक नहीं रहेंगे। 2027 में फिर चुनाव आएगा। मैं मानता हूं कि फिर कमल खिलेगा। आपका अभी कोई भविष्य नहीं है लेकिन आप कह रहे हैं कि सड़क किसने बनवाई, एक्सप्रेस-वे किसने बनवाई, मेट्रो किसने बनवाई है, ऐसा लगता है कि सैफई बेचकर बनवाया है।’

इस पर अखिलेश यादव भड़क गए। अखिलेश यादव ने बीच में हो टोकते हुए कहा कि ‘तुम अपने घर या पिता जी से पैसा लेकर आते हो बनाने के लिए? राशन बांटा तो क्या पिता जी के पैसे से बांटा?’ इसके बाद सदन में हंगामा होने लगा और दोनों तरफ के विधायक चिल्लाने लगे। बीच बचाव करने के लिए सीएम योगी को खड़ा होना पड़ा और उन्होंने सभी को मर्यादा में रहने की नसीहत दी।

सोशल मीडिया पर लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। श्रीकांत यादव ने लिखा कि ‘पिछली बार विधानसभा में यही नहीं हो पा रहा था, जो अब हो रहा है। दिल खुश हो गया अखिलेश यादव जी को देखकर।’ स्वाति ने लिखा कि ‘ये भाषा स्वीकार नहीं है लेकिन हमें विपक्ष में ऐसे लोगों की जरूरत है।’ योगेश त्रिपाठी ने लिखा कि ‘अब विधानसभा का स्तर इतना ऊंचाई पर चला गया है।’ आकाश ने लिखा कि ‘यही भाषा है इनकी, सीधे मां-बाप पर जाते हैं। जब इनके नेता का यह रवैया है तो कार्यकर्ताओं का क्या होगा, भगवान ही जानें।’

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से शुरू हुआ। राज्यपाल का अभिभाषण भी विपक्ष के हंगामे के बीच हुआ। बता दें कि यूपी में दूसरी बार बनी बीजेपी की सरकार का ये पहला विधानसभा सत्र है। इसी सत्र के दौरान 26 मई को बजट पेश किया जाएगा।

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