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अर्णब गोस्वामी की तो तुरंत सुनवाई होती थी.., स्टेन स्वामी की मौत पर सरकार पर निशाना साध रहे लोग

भीमा कोरेगांव मामले में जेल में बंद आदिवासी कार्यकर्ता फॉदर स्टेन स्वामी का सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय में जमानत पर सुनवाई से पहले निधन हो गया।

Updated: July 5, 2021 5:43 PM
स्टेन स्वामी (फाइल फोटो)

भीमा कोरेगांव मामले में जेल में बंद आदिवासी कार्यकर्ता फॉदर स्टेन स्वामी का सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय में जमानत पर सुनवाई से पहले निधन हो गया। 84 वर्षीय स्टेन स्वामी की मृत्यु सोमवार दोपहर 1:30 बजे हुई। उनके निधन की खबर के बाद लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर देना शुरू कर दिया। उनकी मृत्यु पर लोग सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास ने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि अर्णब गोस्वामी को अदालत में तत्काल सुनवाई मिल जाती थी, जबकि 84 वर्षीय स्टेन स्वामी को 7 महीने से ज्यादा समय तक जमानत से वंचित रखा गया। अब वह नहीं रहे। इसका जिम्मेदार कौन है? कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनते ने ट्वीट करते हुए लिखा कि स्टेन स्वामी की मृत्यु से हमारे विवेक पर जोर पड़ना चाहिए। आप इस बात की कल्पना कीजिए की सरकार एक 84 वर्षीय कार्यकर्ता से कितना डरती है। आदिवासियों के लिए जीवन भर काम करने वाले एक व्यक्ति को बिना जमानत के जेल में रखा गया, जबकि उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी।

पत्रकार आरफा खानम शेरवानी ने लिखा कि, ‘आप, आपके काम और आपकी मृत्यु को कभी भुलाया नहीं जा सकता। हम उस अन्याय, क्रूरता और अमानवीयता को भी नहीं भूल सकते जो हमारे शासन और न्यायाधीशों ने आपके साथ किया। तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा ने लिखा कि स्टेन स्वामी को अश्रुपूर्ण विदाई। उनकी मौत एक हत्या है, और हम जानते हैं कि उसका जिम्मेदार कौन है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि फादर स्टैन स्वामी को विनम्र श्रद्धांजलि।कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक व्यक्ति जिसने जीवन भर गरीबों-आदिवासियों की सेवा की और मानव अधिकारों की आवाज बना, उन्हें मृत्यु की घड़ी में भी न्याय एवं मानव अधिकारों से वंचित रखा गया।

@KaunSandeep टि्वटर हैंडल से कमेंट किया गया कि वे पूरी जिंदगी झारखंड के आदिवासियों के लिए, उनके अधिकार, संस्कृति, भाषा के लिए लड़ते रहे। कभी किसी से कुछ लिया नहीं सिर्फ दिया। भोले कमजोर आदिवासियों की रक्षा में पूरी शक्ति के साथ लगे रहे। न परिवार बनाया, न घर। सब कुछ आदिवासियों को दे दिया। उन StanSwamy को आज मार डाला भाजपा ने।

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