भारत में E20 पेट्रोल को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। ब्रांड मार्केटिंग कंसल्टेंट और कारोबारी नितिन अहलावत ने दावा किया है कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद उनकी टोयोटा कार के इंजन में मिसफायरिंग (झटके आने) की समस्या शुरू हो गई। उनका कहना है कि बाद में XP95 पेट्रोल भरवाने पर यह दिक्कत पूरी तरह खत्म हो गई।
नितिन अहलावत The Unknown India के प्रोड्यूसर और Design Mechanics के सीईओ भी हैं। उन्होंने अपनी लिंक्डइन प्रोफाइल पर अपने इस अनुभव को पर साझा किया। उन्होंने बताया कि कार में E20 पेट्रोल भरवाने के बाद जब टैंक का करीब आधा ईंधन इस्तेमाल हो गया, तब इंजन में समस्या आने लगी।
इंजन करने लगा मिसफायर
अहलावत के अनुसार, कार 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पार करते ही झटके देने लगती थी। फ्लाईओवर या चढ़ाई पर इंजन की परफॉर्मेंस और खराब हो जाती थी। उनका कहना है कि यह समस्या E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद शुरू हुई जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला होता है।
सर्विस सेंटर में भी नहीं मिली साफ वजह
उन्होंने बताया कि समस्या का पता लगाने के लिए कार को टोयोटा के अधिकृत सर्विस सेंटर में दिया गया। कुछ दिनों बाद सर्विस सेंटर ने बताया कि कुछ पुराने फ्यूज बदल दिए गए हैं और कार अब ठीक है।
हालांकि, कार वापस लाने वाले ड्राइवर ने बताया कि ईंधन टैंक लगभग खाली हो चुका था और इंजन अब भी मिसफायर कर रहा था। इस पर अहलावत ने दोबारा सर्विस सेंटर से सवाल किया जिसके बाद उन्हें फ्यूल टैंक फ्लश कराने की सलाह दी गई।
उन्होंने एक टेक्निशियन से पूछा कि क्या एथेनॉल मिला पेट्रोल इसकी वजह हो सकता है। उनके अनुसार, टेक्निशियन ने सिर्फ इतना कहा, ”हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।”
XP95 पेट्रोल पर आने के बाद दिक्कत खत्म
इसके बाद अहलावत ने E20 पेट्रोल का इस्तेमाल बंद कर दिया और कार में XP95 पेट्रोल भरवाया। उनका दावा है कि इसके बाद इंजन की मिसफायरिंग पूरी तरह बंद हो गई और कार सामान्य रूप से चलने लगी।
उन्होंने लिखा, ”बुरी खबर यह है कि मुझे XP100 (100 प्रतिशत पेट्रोल) नहीं मिल रहा है। अच्छी खबर यह है कि मेरी कार XP95 पर बिल्कुल ठीक चल रही है।”
हालांकि, XP95 भी पूरी तरह एथेनॉल फ्री नहीं होता। इसमें आमतौर पर 5 से 10 प्रतिशत तक एथेनॉल मिला होता है। इसके बावजूद अहलावत का कहना है कि XP95 पर उनकी कार में कोई समस्या नहीं आई।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अहलावत की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी राय दी। एक यूजर ने लिखा, ”XP95 में भी इथेनॉल होता है लेकिन उसमें ऐसे एडिटिव्स मिलाए जाते हैं जो फ्यूल सिस्टम को साफ रखने और जंग से बचाने में मदद करते हैं। हो सकता है कि सामान्य पेट्रोल की गुणवत्ता या उसमें इथेनॉल की मात्रा अलग हो।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, ”मेरी कार में इंजन वार्निंग लाइट जलने लगी थी। सर्विस सेंटर भी कारण नहीं बता पाया। किसी की सलाह पर मैंने XP100 पेट्रोल इस्तेमाल किया और उसके बाद वार्निंग लाइट बंद हो गई। माइलेज भी काफी बेहतर हो गया।”
एक अन्य टिप्पणी में सवाल उठाया गया, ”सरकार और कंपनी कहती है कि E20 में कोई समस्या नहीं है बल्कि मिलावटी ईंधन जिम्मेदार है। लेकिन अगर ऐसा है तो यह मिलावटी ईंधन आखिर आ कहां से रहा है? हम तो सरकारी अधिकृत पेट्रोल पंप से ही पेट्रोल खरीदते हैं। फिर ऐसे मामलों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?”
सरकार ने E20 पेट्रोल को बताया सुरक्षित
इन दावों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल का बचाव किया है। उन्होंने हाल ही में कहा कि E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन को नुकसान पहुंचने का एक भी प्रमाण सामने नहीं आया है। उनके मुताबिक, E20 के खिलाफ कई तरह की ‘झूठी कहानियां’ और ‘पेड कैंपेन’ चलाए जा रहे हैं।
गडकरी ने कहा कि E20 नीति से कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों को भी फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रमुख संस्थानों द्वारा किए गए परीक्षणों में E20 पेट्रोल को सुरक्षित पाया गया है।
बहस अभी भी जारी है
हालांकि सरकार E20 कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के पक्ष में है लेकिन नितिन अहलावत जैसे वाहन मालिकों के अनुभवों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सभी वाहन E20 ईंधन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही, कई लोग उपभोक्ताओं को ज्यादा ईंधन विकल्प उपलब्ध कराने की भी मांग कर रहे हैं।
E20 पेट्रोल से माइलेज थोड़ा कम हो सकता है, इससे गाड़ी खराब नहीं होती: नितिन गडकरी
द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एथनॉल में पेट्रोल के मुकाबले कम ऊर्जा (Calorific Value) होती है। इसलिए जब पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा बढ़ती है, तो गाड़ी का औसत माइलेज थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह फर्क बहुत मामूली होगा।
