ताज़ा खबर
 

फेक न्यूज पर बहस के दौरान भिड़े पत्रकार, महिला संपादक ने पूछा- विरोध के नाम पर अरविंद केजरीवाल बन जाऊं?

इस डिबेट में एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश और द हिंदू के पूर्व एडिटर इन-चीफ एन. राम शामिल हुए थे। एन. राम ने डिबेट के दौरान कहा कि पुनर्निर्मित केंद्रीय प्रेस प्रत्यायन समिति के सदस्य 'सरकार के करीबी लोग' हैं।
Author नई दिल्ली | April 5, 2018 12:19 pm
एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश। (Photo Source: Facebook@SmitaPrakash)

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के मंत्रालय द्वारा सोमवार को फेक खबर दिखाने वाले पत्रकारों के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन दिशा-निर्देशों की मंजूरी के लिए प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। फेक न्यूज दिखाने वाले पत्रकारों को सजा देने का मामला चर्चा का विषय बन गया। इस मुद्दे को लेकर हाल ही में एनडीटीवी पर एक डिबेट रखी गई थी, जिसमें कई नामी पत्रकार शामिल हुए थे। इस डिबेट के दौरान एक महिला संपादक इतनी भड़क गईं कि उन्होंने एक पूर्व संपादक से पूछ डाला कि विरोध के नाम पर अरविंद केजरीवाल बन जाऊं क्या?

इस डिबेट में एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश और द हिंदू के पूर्व एडिटर इन-चीफ एन. राम शामिल हुए थे। एन. राम ने डिबेट के दौरान कहा कि पुनर्निर्मित केंद्रीय प्रेस प्रत्यायन समिति के सदस्य ‘सरकार के करीबी लोग’ हैं। एन. राम ने कहा, “यह कतई भी संतुलित संरचना नहीं है। उन्होंने इसे पूरी तरह से बदल दिया है। अगर मुझमें थोड़ा भी आत्म-सम्मान होगा तो मैं तुरंत ही इस्तीफा दे दूंगा और सरकार द्वारा दिए जा रहे संरक्षण को कभी स्वीकार नहीं करूंगा।”

इस पर स्मिता प्रकाश भड़क गईं, क्योंकि वे भी इस समिति की सदस्य हैं। एन. राम को जवाब देते हुए स्मिता प्रकाश ने कहा, “मिस्टर राम मेरे सीनियर हैं और ऐसा कहते हुए मुझे बहुत ही दुख हो रहा है, लेकिन आप मुझसे क्या उम्मीद रखते हैं कि मैं मुखालाफत अभियान चलाऊं? बता दीजिए मैं इसका विरोध करूं,  सड़कों पर जाऊं और केजरीवाल बन जाऊं? आप मुझसे क्या उम्मीद रखते हैं कि मैं क्या करूं?” बता दें कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जो दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, उनमें कहा गया था कि फेक न्यूज दिखाने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। पहली बार ऐसी गलती करने वालों की मान्यता 6 महीने के लिए रद्द की जाने की बात कही गई थी तो वहीं दूसरी बार गलती दोहराने पर उस पत्रकार की मान्यता एक साल के लिए रद्द करने की बात कही गई थी। हालांकि, पीएम मोदी द्वारा मंत्रालय को अपने दिशा-निर्देश वापस लेने के लिए कह दिया गया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App