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हनुमान-सीता पर बर्खास्त IPS संजीव भट्ट ने किया ट्वीट, लोगों ने जमकर सुनाई खरी खोटी

संजीव भट्ट ने एंग्री हनुमान का फोटो पोस्ट कर पूछा कि क्या इनसे सीता ने सुरक्षित महसूस किया होगा। उनके इस पोस्ट पर लोगों का आक्रोश उमड़ पड़ा। लोगों ने उन पर कार्रवाई करने की मांग की।

संजीव भट्ट ट्वीट (Pic credit- Twitter)

गुजरात के बर्खास्त आइपीएस अधिकारी संजीव भट्ट एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार विवाद की वजह एक ट्वीट है। इसमें  उन्होंने हनुमान और सीता को लेकर टिप्पणी की है। उनकी इस टिप्पणी पर लोगों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों ने नके उपर कार्रवाई करने की भी मांग की है।

सबसे पहले वह ट्वीट बताते हैं, जिसे लेेकर यह विवाद खड़ा हुआ है। संजीव भट्ट ने एंग्री हनुमान जी का फोटो पोस्ट कर पूछा कि क्या इनसे सीता जी ने सुरक्षित महसूस किया होगा? उनके इस पोस्ट पर लोगों का आक्रोश उमड़ पड़ा। पत्रकार मयंक गुप्ता ने इस ट्वीट पर रिट्वीट करते हुए लिखा, “लंका का किला भेद कर सीता माता को सुरक्षित महसूस कराने के लिए ‘इसी हनुमान’ की ज़रूरत थी। सीताजी ने कैसा महसूस किया, ये ट्विटर पर नहीं, रामायण पढ़ कर या उसकी टीवी सीरीज़ देख कर पता चलेगा। हनुमान जी का ये रौद्र रूप रावण जैसे राक्षसों को डराने के लिए था। आपको डर क्यों लग रहा है?”

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एक यूजर ने कमेंट किया, “जो मां सीता और ब्रह्मचारी हनुमान को ले कर अपशब्द कहे, उसको राक्षसी संस्कृति का प्रतिनिधि ही समझा जा सकता है और कुछ नहीं। कोई कोख से जन्म न ले भी पुत्र सरीखे होते हैं; और कुछ जन्मदात्री माता; जीवनदात्री मां जन्मभूमि व चरित्रदायिनी मा संस्कृति सब को लज्जित कर जाते हैं।”

संजीव भट्ट के ट्वीट पर रिट्वीट

 

वहीं, एक अन्य ने रिट‌्वीट किया, “मै स्वाभिमानी हिन्दू हूं, माता सीता व बंजरंगबली पर की गई घटिया टिप्पणी से आहत हूं। संजीव भट्ट के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग करता हूं।” संजीव भट्ट के इस ट्वीट पर लोग लगातार रिट्वीट कर रहे हैं और उन्हें जमकर सुना रहे हैं। एक और ने रिट्वीट किया, “समस्त रामायण में रामभक्त हनुमान सीताजी को ‘माते’ कहकर बुलाते हैं। किसी एक व्यक्ति के विरोध में अंधा होकर तू इतना नीचे गिर गया कि अब इस जन्म में तेरा पतन निश्चित हैं, तुझे जवाब देकर हम खुद अपनेआप को कलंकित करना नही चाहते। तेरा कर्म ही तुझे जवाब देगा।”

बता दें कि गुजरात कैडर के 1988 बैच के आइपीएस अधिकारी संजीव भट्ट 2011 से निलंबित चल रहे थे। अब उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। बिना इजाजत लंबी छुट‌्टी पर जाने की वजह से उनके उपर कार्रवाई की गई है। संजीव वही शख्स हैं, जिन्होंने गुजरात दंगों में तत्कालिन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाया था। इसके बाद उन्हें कई अरोपों में बर्खास्त कर दिया गया था। उनके उपर पत्नी के अलावा किसी और महिला से भी संबंध रखने के आरोप लगे हैं।

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