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राजपाट- ढाक के तीन पात

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ट्विटर पर शेयर की गई एक आपत्तिजनक पोस्ट से सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। दिग्गी बाबू ने लिखा कि वे यानी प्रधानमंत्री लोगों को बेवकूफ बनाने की कला में माहिर हैं।

Author September 11, 2017 5:32 AM
दिग्विजय सिंह पर लोगों ने साधा निशाना।

ढाक के तीन पात
कर्ज माफी की उत्तर प्रदेश सरकार की योजना किसानों के चेहरों पर रौनक नहीं ला पा रही है। योजना के अमल को लेकर कोई पुख्तातंत्र ही नहीं बन पाया है। नतीजतन किसानों को कोई संतोषजनक जवाब देने वाला ही नहीं। केंद्र में हाल में मंत्री बने सत्यपाल सिंह को शनिवार को मुरादाबाद में किसानों का कोपभाजन बनना पड़ा। भाजपा ने किसान कल्याण सम्मेलन में बुलाया था मंत्री को। बेचारे जैसे ही केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार की उपलब्धियों का बखान करने लगे, किसान उखड़ गए। शुरुआत भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव चरण सिंह ने की। फसलों के समर्थन मूल्य को लेकर खफा थे। फिर तो कई किसान चिल्लाने लगे। किसी ने अपात्रों के कर्ज माफ होने और जरूरतमंद की अनदेखी का आरोप लगाया तो कोई दूसरी समस्याएं उठाने लगा। और तो और आरएसएस के किसान संगठन भारतीय किसान संघ से जुड़े सुकरमपाल सिंह राणा तो ज्ञापन लेकर मंच पर ही चढ़ गए। बेचारे सत्यपाल सिंह को भाषण आनन-फानन में खत्म कर भागना पड़ा।

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सूबे में मंत्रियों को लोगों के असंतोष का जगह-जगह करना पड़ रहा है सामना। मसलन, फैजाबाद में वहां के प्रभारी मंत्री सतीश महाना को तो पार्टी के कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। हर जगह भाजपा के कार्यकर्ता अपनी अनदेखी और नौकरशाही के हावी होने की शिकायत कर रहे हैं। पार्टी के विधायक और सांसद अलग यह कह कर अपना पीछा छुड़ाते हैं कि लखनऊ में कोई उनकी सुनता ही नहीं। महंगाई बढ़ने, रोजगार घटने और सरकारी दफ्तरों में भी सुनवाई नहीं होने से आम जनता भी कम खफा नहीं। पांच महीने से चल रहे हैं अफसरों के तबादले। अभी तक नहीं निपटा यह धंधा। तभी तो कई अहम दफ्तरों में अफसर नहीं होने से कोई सुनने वाला नहीं। मेरठ में आरएफसी नहीं है तो बुलंदशहर विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष बनाने लायक कोई चहेता आइएएस नहीं मिल रहा सरकार को।

बुरे फंसे दिग्गी

खबरों में बने रहने की कला तो नेताओं को दिग्विजय सिंह से सीखनी चाहिए। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ट्विटर पर शेयर की गई एक आपत्तिजनक पोस्ट से सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। दिग्गी बाबू ने लिखा कि वे यानी प्रधानमंत्री लोगों को बेवकूफ बनाने की कला में माहिर हैं। भाजपा ने इस पोस्ट पर सख्त एतराज कर कांग्रेस से माफी मांगने की मांग कर दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी दिग्गी के ट्विट पर जवाबी हमला बोल दिया- मुझे शर्म आती है कि वे कांग्रेस नेता मध्य प्रदेश के हैं। शिवराज ने दिग्गी पर शालीनता की सारी सीमाएं तोड़ने का आरोप भी जड़ा। साथ ही नसीहत दी- कुछ तो शिष्टाचार रखो, इंसान हो, मानव हो।

भाजपा के ही सांसद प्रभात झा गरजे कि दिग्गी का राजनीतिक चरित्र उनकी समझ के बाहर है। मंच पर तो सियासी फायदे के लिए वे आरएसएस के पूर्व सर संघ चालक रज्जू के. भैया के पैर छूते थे और बाद में आरएसएस पर निराधार आरोप लगाते थे। मध्य प्रदेश भाजपा के महामंत्री बीडी शर्मा ने जवाब उसी अंदाज में दिया और दिग्गी को चुल्लू भर पानी में डूब मरने की नसीहत दी। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तो एक कदम आगे बढ़ दिग्गी के बजाए राहुल गांधी पर लगाया निशाना। फरमाया कि सोशल मीडिया पर राहुल से लोग पूछते हैं कि मूर्ख हो या फिर मूर्खता का कोई कोर्स किया है।

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