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बैंक की लाइन में खड़े बुजुर्ग की यह तस्वीर हुए वायरल, लोग बोले- उन्होंने तो कहा था केवल अमीर रोएंगे

तस्वीर को इंटरनेट पर काफी शेयर किया जा रहा है।
यह तस्वीर गुरुग्राम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की न्यू कॉलोनी ब्रांच के बाहर की है।

नोटबंदी के बाद से लोगों को कैश की काफी दिक्कत हो रही है। बैंकों की लाइन में लगे हुए लोगों की मौत हो रही हैं, लोग शादियों की तारीखें आगे बढ़ा रहे हैं। पूरे देश में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने एक तस्वीर प्रकाशित की है। तस्वीर में एक बुजुर्ग रोते हुए दिख रहे हैं। बुजुर्ग की आंखों से उस वक्त आंसू निकल गए जब वे बैंक के बाहर लाइन में लगे हुए थे और उनकी जगह कोई और आकर खड़ा हो गया। यह तस्वीर गुरुग्राम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की न्यू कॉलोनी ब्रांच के बाहर की है। इस तस्वीर को हिंदुस्तान टाइम्स के फोटो जर्नलिस्ट प्रवीन कुमार ने अपने कैमरे में कैद किया है। अखबार में इस तस्वीर का कैप्शन दिया गया है, ‘उन्होंने कहा था कि केवल अमीर रोएंगे।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के फैसले का ऐलान करते हुए वक्त कहा था कि केवल कुछ दिन ही लोगों को दिक्कत होगी। लेकिन नोटबंदी के फैसले को गुरुवार को 36 दिन बीत गए, लेकिन अभी भी हालात सुधरते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। लोग बैंको और एटीएम की लाइनों में सुबह से शाम तक खड़े दिख रहे हैं। सरकार द्वारा एक हफ्ते में 24000 रुपए की सीमा तय की थी, लेकिन बैंकों से लोगों को केवल कुछ हजार रुपए ही मिल रहे हैं। वहीं कुछ बैंकों में कैश नहीं हैं। वहीं ज्यादात्तार एटीएम मशीनों में भी कैश नहीं है।

दिल को झंकझोर देने वाली इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस तस्वीर के जरिए पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले पर निशाना साध रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने(पीएम मोदी) तो कहा था कि केवल अमीर लोग या भ्रष्ट ही रोएंगे। लेकिन यहां तो एक लाचार बुजुर्ग की आंखों से आंसू आ रहे हैं। आफरीन सिद्दिकी ने फेसबुक पर लिखा है, ‘पीएम मोदी और भाजपा ने गरीब लोगों को यह दिया है। यह दिल तोड़ देने वाली तस्वीर है।’

वहीं शिव प्रसाद नाम के यूजर ने लिखा है, ‘यह हमारे सरकार के फैसले हैं, जिससे पूरा सिस्टम ही खराब हो गया है। भारत में अमीर लोग हर एक स्थिति में मैनेज कर लेते हैं लेकिन गरीब लोग और पैंशन पाने लोग नहीं, जो कि अपने घरों से निकल भी नहीं सकते। अब उन्होंने पेंशन के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। यह हमारे नेताओं की सोच है। हम लोग महान देश में रह रहे हैं, लेकिन महान नेताओं के नेतृत्व में नहीं।’