देश की राजधानी दिल्ली में वुमन सेफ्टी हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से यहां पढ़ाई या फिर नौकरी के लिए आने वाली लड़कियां अक्सर दिल्ली में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। खासकर लेट नाइट खुद को बहुत ज्यादा अनसेफ फील करती हैं, लेकिन मुंबई में तस्वीर पूरी तरह उल्टी है। वहां देर रात भी लड़कियां खुद को पूरी तरह से सेफ महसूस कर सकती हैं। यह फर्क दोनों शहरों में रह चुके लोग बहुत साफ बता सकते हैं। ऐसा ही एक अनुभव दिल्ली में पली-बढ़ी और मुंबई में रह रही लड़की ने सोशल मीडिया पर साझा किया है जिसने एक बहस को जन्म दे दिया।
आधी रात को मुंबई मेट्रो में दिखा दिन जैसा नजारा
दरअसल, इंस्टाग्राम पर दिव्या नाम की एक लड़की ने मुंबई मेट्रो का वीडियो शेयर किया है। यह वीडियो रात को 12:10 बजे शूट किया गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि आधी रात को भी मुंबई मेट्रो में ऐसी भीड़ है कि जैसे दिन निकला हुआ है और खासकर लड़कियां बड़े आराम से मेट्रो में सफर कर रही हैं। यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए बताया है कि आधी रात को बिना किसी चिंता के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ट्रैवल करना मुझे इमोशनल कर गया।
‘दिल्ली में रात को मेट्रो सोच भी नहीं सकती’
दिव्या ने पोस्ट में आगे लिखा है कि दिल्ली में मेरा अनुभव इसके एकदम उल्टा रहा है। मुझे दिल्ली में प्लान बनाना पड़ता था, कपड़ों को लेकर सोचना पड़ता था। इतना ही नहीं रात को 11 बजे के बाद कैब लेने के लिए भी सोचना पड़ा था, मेट्रो के बारे में तो मैं सोच भी नहीं सकती। लड़की ने आगे लिखा, “मुंबई में ऐसा कुछ नहीं है। यहां आपके आसपास शांत और ध्यान रखने वाले लोगों ने मुझे बहुत सेफ महसूस कराया। यहां तक कि इस शहर में आकर मुझे बहुत अच्छा लगा।
वायरल पोस्ट पर लोगों के रिएक्शन
दिव्या की वायरल पोस्ट पर लोगों के मिले-जुले रिएक्शन भी देखने को मिल रहे हैं। अधिकतर लड़कियों ने दिव्या के इमोशन से पूरी तरह जुड़ाव महसूस किया है। एक यूज़र ने लिखा है, “मुंबई परफेक्ट नहीं है, लेकिन ऐसे पल दिखाते हैं कि लोग शहर पर भरोसा क्यों करते हैं। सेफ, चिल और लेट-यू-बी। आजादी पर कर्फ्यू नहीं होना चाहिए।”
एक और यूज़र ने कमेंट किया, “सच कहूं तो, इतने सारे आदमियों को सबसे कमजोर तर्कों के साथ इसका बचाव करते देखना थका देने वाला है। पैसा, टिकट की कीमत, आबादी, भूगोल, इंफ्रास्ट्रक्चर। इनमें से कोई भी बात मायने नहीं रखती। आप जितने चाहें उतने आंकड़े दे सकते हैं, लेकिन वे महिलाओं के लिए असलियत नहीं बदल सकते।”
एक अन्य महिला यूजर ने वायरल पोस्ट पर लिखा है कि मुझे दिल्ली में पले-जन्मे 28 साल हो गए, मेरे साथ दिल्ली मेट्रो में कभी कोई ऐसा अनुभव नहीं है। मुंबई में भी 9 साल रही हूं। कुछ लोग कम मेहनत के लिए लाइक्स पाने के लिए इस तरह के कैप्शन का इस्तेमाल करते हैं।
