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उरी हमले के बाद कॉमेडी शो बन गए हैं पाकिस्‍तानी न्‍यूज चैनल, खबरें देख लोट-पोट हो जाएंगे

उरी हमले के बाद जहां भारत गैर-सैन्य कार्रवाई के शहीद जवानों के मौत का बदला लेने की सोच रहा है, वहीं पाकिस्तान के टीवी चैनल्स इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि अगर सार्जिकल स्ट्राइक होता है तो वो कैसे भारतीय सेना को मंहतोड़ जवाब दे सकते हैं।
Author नई दिल्ली | September 26, 2016 11:51 am
उरी हमले के बाद पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर जारी डिबेट (Photo Source: Youtube)

जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना मुख्यालय पर हुए हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। जहां भारत गैर-सैन्य कार्रवाई के उरी में शहीद जवानों के मौत का बदला लेने की सोच रहा है, वहीं पाकिस्तान के टीवी चैनल्स इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि अगर सार्जिकल स्ट्राइक होता है तो वो कैसे भारतीय सेना को मंहतोड़ जवाब दे सकते हैं। हालांकि टीवी चैनलों पर होने वाली ज्यादातर डिबेट और न्यूज पैकेज का कंटेट गलत तथ्यों, संदिग्ध तर्क और हास्यास्पद सामग्री से भरा पड़ा है।

पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर बलूचिस्तान से लेकर हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने और कश्मीर में जारी अशांति को लेकर भारत सरकार और सुरक्षाबलों की आलोचना की जा रही है। एक चैनल ने अपने दावे में पाकिस्तान को कारगिल युद्ध में जीतने वाला करार देने के साथ ही कहा है कि अगर भारत, पाकिस्तान पर हमला करता है तो उसका वही हश्र होगा। यहां कुछ क्लीपिंग्स दी गई है, जिसको देखकर आपको हैरानी उरी हमले के बाद से वहां के टीवी चैनल क्या प्रसारित कर रहे हैं।

पाकिस्तान से डरे सेना प्रमुख दलबीर सिंह: इस वीडियो में एंकर कहता हुआ नजर आ रहा है कि पाकिस्तान आर्मी के चीफ ने भारत से कहा- “बहुत मार पड़ेगी अगर पाकिस्तान पर हमला करने का सोचा तो।” लगता है कि 1965 और 1971 में क्या हुआ था ये भूल गए हैं।

याद करो कारगिल: एक पाकिस्तानी उर्दू चैनल ने अपने न्यूज में पूरे इतिहास को ही बदल कर रख दिया, वह कह रहा है कि पाकिस्तान पर हमला करने से पहले भारत को कारगिल युद्ध याद कर लेना चाहिए। पाकिस्तान ने एलओसी क्रास करने वाले भारतीय विमान को मार गिराया था और अगर हिंदुस्तानी फौजों ने इस बार भी पाकिस्तान के साथ युद्ध करने की सोची तो ऐसा ही होगा। वैसे, सभी जानते हैं कि कैसे भारतीय फौजों ने युद्ध में पाकिस्तानी घुसपैठियों को अपनी धरती से मार भगाया था।

संयुक्त राष्ट्र में नवाज शरीफ की विफलता: पाकिस्तान के टीवी चैनलों में चर्चा में हिस्सा लेने वाले पैनलिस्ट पाकिस्तानी संसद सदस्यों (सांसदों) को भी नहीं छोड़ रहे हैं और कश्मीर मुद्दा हल न कर पाने को लेकर उन पर निशाना साध रहे हैं। एक पैनलिस्ट ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की आलोचना करते हुए कहा कि यूएन को संबोधित करने से पहले उन्होंने तैयारी नहीं की थी। उन्हें दस्तावेज साथ ले जाने चाहिए थे। “आप हाथ हिलाते जाते हैं तो आपको कोई सीरियसली नहीं लिया जाता।”

कश्मीर मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए हुआ उरी हमला: 92 HD के मुताबिक, उरी हमला ऐसे समय हुआ जब नवाज शरीफ यूएन में कश्मीर मुद्दा उठाने वाले थे और उरी हमले का नाटक करके भारत कश्मीर से विश्व का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है और आतंकवाद को पाकिस्तान से जोड़ रहा है। खैर, यूएन में नवाज शरीफ की स्पीच की वैश्विक निंदा ने सबकुछ कह दिया है।

 

 

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