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‘पीएम को राखी बांधने के लिए नहीं चाहिए था आधार नंबर’, सोशल मीडिया पर फैलाया गया झूठ

फोटो को फेसबुक पर 'वायरल इन इंडिया' नाम के फेसबुक पेज ने भी साझा किया था। लेकिन इस फोटो के साथ जो कैप्शन लिखा गया। वही सारे भ्रम का मूल था। इसी पोस्ट के कारण न सिर्फ फेसबुक बल्कि ट्विटर पर भी ये पोस्ट जमकर साझा की गई।

सोशल मीडिया पर वायरल की गई पीएम मोदी की फोटो। फोटो- Twitter/@PIB_India

इन दिनों पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस पोस्ट में ये दावा किया गया है कि रक्षाबंधन के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी बांधने के लिए आने वाले सभी बच्चों और महिलाओं के लिए आधार कार्ड लाना अनिवार्य किया गया था। दावा ये भी है कि पीएम नरेंद्र मोदी की कलाई पर राखी बांधने की इजाजत उन्हीं लोगों को दी गई, जिनके पास में आधार कार्ड थे।

इस दावे का आधार पीएमओ इंडिया और प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट से साझा की गई फोटो को बताया जा रहा है। इस फोटो में एक लड़की पीएम मोदी की कलाई में राखी बांध रही है। राखी बांधने वाली लड़की के हाथ में आधार कार्ड भी दिख रहा है। इस फोटो को फेसबुक पर ‘वायरल इन इंडिया’ नाम के फेसबुक पेज ने भी साझा किया था। लेकिन इस फोटो के साथ जो कैप्शन लिखा गया। वही सारे भ्रम का मूल था। इसी पोस्ट के कारण न सिर्फ फेसबुक बल्कि ट्विटर पर भी ये पोस्ट जमकर साझा की गई।

फेसबुक के इसी ग्रुप से कथित तौर पर वायरल हुआ था फोटो। फोटो- फेसबुक/@TheViralinIndia

इस पोस्ट को कई बार तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। ट्विटर और फेसबुक पर मौजूद लोगों ने इस फोटो को गुमराह करने वाले संदर्भ से साझा करना शुरू कर दिया। हालांकि ये फोटो प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ही साझा की गई थी।

बाद में इस फोटो का कारण पता चल गया। टीओआई की पड़ताल के मुताबिक, पीएम को राखी बांधने के लिए आने वाली सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए कोई पहचान पत्र लाना आवश्यक होता है। इसे प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा माना जाता है। इस कार्यक्रम में छोटे स्कूली बच्चे अपने स्कूल के परिचय पत्र को गले में पहनकर आए थे। जबकि ​अधिक उम्र की महिलाएं अपने संगठन को प्रदर्शित करने वाला बैज लगाकर आईं थीं।

वायरल फोटो में आधार कार्ड के साथ दिखने वाली जिस लड़की के बारे में चर्चा की जा रही है। संभवत: वह नाबालिग होने के कारण अपने साथ पीएमओ को दिखाने के लिए सरकारी पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड लेकर आई थी। पीएम की सुरक्षा में मौजूद सुरक्षा अधिकारियों की कवायद सिर्फ पहचान पत्र सुनिश्चित करने की थी। इसमें आधार कार्ड की मौजूदगी की कोई बाध्यता नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक, फोटो बिल्कुल सही है। लेकिन इसके बारे में की गई व्याख्या गलत है।

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