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Constitution Day 2018: इसलिए 26 नवंबर को मनाया जाता है संविधान दिवस, जानिए पूरी कहानी

Indian Constitution Day 2018: इसे विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है, जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं। यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल हैं।

19 नवंबर 2015 को भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित करने के लिए एक राजपत्र अधिसूचना जारी की थी।

Indian Constitution Day 2018: कॉन्स्टिट्यूशन डे जिसे संविधान दिवस के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है, जिस दिन भारत के संविधान को अपनाया गया था। 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 से इसे लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा हुई, सभा में जोरदार और लंबे समय तक उत्साह के साथ डेस्क को थपथपाते हुए संविधान के पास होने पर बधाई दी। संविधान पारित करने के प्रस्ताव से पहले संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि यह याद दिलाएगा कि यह एक अद्वितीय जीत थी जिसे हमने राष्ट्रपिता द्वारा सिखाए गए अद्वितीय तरीके से हासिल किया, और यह स्वतंत्रता को संरक्षित करने के लिए हमारे पास है जिसे हमने जीता है।

संविधान पारित होने के बाद, संविधान सभा का ऐतिहासिक सत्र राष्ट्रगान “जन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत भाग विधाता” के साथ समाप्त हुआ, इसे स्वतंत्रता सेनानी पूर्णिमा बनर्जी और स्वतंत्रता सेनानी की बहन अरुणा असफ अली ने गाया था। 19 नवंबर 2015 को भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित करने के लिए एक राजपत्र अधिसूचना जारी की थी। इस दिन कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं है। 29 अगस्त 1947 को भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति की स्थापना की गई थी और इसके अध्यक्ष डॉक्टर भीमराव अंबेडकर थे। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, संविधान दिवस भी आंबेडकर को श्रद्धांजलि थी। इससे पहले, 1979 में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा एक प्रस्ताव के बाद, इस दिन को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में मनाया गया था।

ऐसा माना जाता है कि यह दुनिया के सभी संविधानों को बारीकी से परखने के बाद बनाया गया। इसे विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है, जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं। यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल हैं। इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का समय लग गया था। संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति हिंदी और अंग्रेजी दोनों में ही हस्तलिखित और कॉलीग्राफ्ड थी। इसमें किसी भी तरह की टाइपिंग या प्रिंट का इस्तेमाल नहीं किया गया था. संविधान सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे फिर दो दिन बाद इसे लागू किया गया था।

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