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कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने पीएम मोदी से पूछा- कितने रसातल में जाएंगे, ट्रोल्स ने ऐसे दिया जवाब

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने लालकृष्ण आडवाणी जैसे बीजेपी के पूर्व शीर्ष नेताओं का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे सभी मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के ‘अंदरुनी लोकतंत्र’ के शिकार हुए हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (फाइल फोटो)

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव का मजाक उड़ाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया है और बीजेपी के अंदरूनी लोकतंत्र का मुद्दा उठाते हुए उनसे पूछा है कि वह अपनी ही पार्टी के नेताओं के प्रश्नों का कब उत्तर देंगे। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, संजय जोशी, केशुभाई पटेल और आनंदीबेन पटेल जैसे बीजेपी के पूर्व शीर्ष नेताओं का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे सभी मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के ‘अंदरुनी लोकतंत्र’ के शिकार हुए हैं।

सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रधानमंत्री जी, ‘शहजाद’, ‘शाह-ज़ादा’ और ‘शौर्य’ के लिए उमड़ते आपके प्रेम की पींगें तो सब जानते हैं, पर देश जानना चाहता है कि आप भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ‘शौरी’(अरुण), ‘सिन्हा’(यशवंत)व ‘सिन्हा’(शत्रुघ्न) के सवालों का जबाब कब देंगें?’ शत्रुता में अंधे हो कितने रसातल में और गिरेंगें?’ इसके अलावा उन्होंने दूसरा ट्वीट कर पूछा, ‘और हां मोदी जी, आप और शाह जी के आंतरिक प्रजातंत्र के शिकार, श्री लालकृष्ण अडवाणी, केशुभाई पटेल, हरेन पंड्या, कांशी राम राणा, आनंदीबेन पटेल, मुरली मनोहर जोशी, संजय जोशी के बारे में भी तो गुजरात व देश को कुछ बताइए जिन्हें जबरन इतिहास के पन्नों में लुप्त कर दिया गया।’

सुरजेवाला के इन ट्वीट्स को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के एक धड़े ने उन्हें ही ट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ लोगों का कहना है कि सुरजेवाला को इस बात का जवाब देना होगा कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर केवल कोई गांधी का ही कब्जा क्यों होता है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद का चुनाव भी हार जाएंगे।

दरअसल गुजरात में चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव का मजाक उड़ाते हुए आरोप लगाया था कि कांग्रेस में संगठनात्मक चुनाव में गड़बड़ी का इतिहास रहा है। उन्होंने कांग्रेस के बारे में कहा था, ‘‘यदि आपके घर में ही लोकतंत्र नहीं है तो आप देश में इसका पालन कैसे कर सकते हैं।”

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