गोपाल कृष्ण गांधी के बचाव में कांग्रेस प्रवक्ता ने रखा तर्क, बोले- एपीजे अब्दुल कलाम भी चाहते थे कि किसी को फांसी ना हो- Congress Over their Vice President Condiadate Gopal Krishna gandhi After Shivsena Remark - Jansatta
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गोपाल कृष्ण गांधी के बचाव में कांग्रेस प्रवक्ता का तर्क, बोले- एपीजे अब्दुल कलाम भी चाहते थे किसी को फांसी ना हो

कांग्रेस ने महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित किया है।

गोपाल कृष्ण गांधी की फाइल फोटो।

कांग्रेस पार्टी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर शिवसेना के उस बयान पर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ जिसमें पार्टी के सांसद संजय राउत ने कहा कि गांधी ने याकूब मेनन की फांसी का विरोध किया था। राउत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसे शख्स को उपराष्ट्रपति पद के लिये क्यों चुना जो देश के गद्दार को फांसी के फंदे से बचाना चाहता था। इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि दिवंगत राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी हमेशा से फांसी के विरोध में थे। पवन खेड़ा ने ये बात हिंदी न्यूज चैनल आज तक के एक डिबेट शो में कही। आपको बता दें कि शिवसेना के राज्य सभा सांसद सजय राउत ने कहा है कि गांधी ने याकूब मेमन को बचाने के लिए अपने तमाम प्रभावों का इस्तेमाल किया। मैं विपक्ष से पूछना चाहता हूं कि यह किस तरह की मानसिकता है। उल्लेखनीय है कि जुलाई 2015 में गांधी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को खत लिखकर मेमन की दया याचिका पर ‘पुनर्विचार’ करने की अपील की थी।

डिबेट शो में कांग्रेस की तरफ से इस मुद्दे पर पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सफाई देते हुए कहा कि महात्मा गांधी के तीनों बेटों ने उनके हत्यारे गोडसे की भी फांसी का विरोध किया था। ये चीजें चलती रहती हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि मैं ऐसे कई मामले जानता हूं जिसमें एपीजे अब्दुल कलाम भी फांसी नहीं चाहते थे।

 

आपको बता दें कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा की तरफ से अभी तक इस पद के लिए किसी भी नाम का आधिकारिक ऐसान नहीं हुआ है। हालांकि सोमवार को राष्ट्रपति पद के चुनावों के बीच ये खबरें भी आती रहीं कि शायद शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू का नाम बीजेपी इस पद के लिए आगे कर सकती है।

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