‘इटली’ को अपनी माता बनाने वाले भारत मां को विधवा बता रहे हैं – कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी पर योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार का पलटवार

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने किसान के मुद्दे पर एक कविता अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर की। जिसके बाद बीजेपी नेता शलभमणि त्रिपाठी भड़क गए।

Uttar Pradesh, Yogi Adityanath
UP CM Yogi Adityanath and Congress leader Imran Pratapgarhi (Photo Source – PTI and Social Media)

लखीमपुर खीरी में हुई घटना के बाद से ही यूपी की सियासत में हलचल मची हुई है। राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस मुद्दे पर एक ऐसी कविता लिखी। जिसको लेकर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी उन पर भड़क गए। उन्होंने उनकी कविता पर पलटवार करते हुए लिखा, इटली’ को अपनी माता बनाने वाले भारत मां को विधवा बता रहे हैं।

दरअसल कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा कि, भारत कृषि प्रधान देश है… बचपन से यह पाठ पढ़ा। मगर हकीकत तब समझी, जब जीवन में संघर्ष बढ़ा। मां के बेटे रौंदे जाएं, विधवा भारत माता है। तानाशाही करने वाला, भारत भाग्य विधाता है। अच्छे दिन किसके आए हैं, नारे केवल नारे हैं। मंत्री जी हत्यारे हैं। हालांकि बाद में इमरान प्रतापगढ़ी ने इस कविता को डिलीट कर दिया।

उनकी कविता पर शलभ मणि त्रिपाठी ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत को 70 सालों तक लूट कर ‘इटली’ को अपनी नई माता बनाने वाले अब भारत माता को विधवा बता रहे, अपशब्द बोल रहे। पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने लिखा, इस रिश्ते को समझिए – जिनके लिए भिंडरवाले ‘संत’ है जिनके लिए भिंडरवाले की फोटो छाती पर लगाकर घूमने वाले ‘किसान’ हैं उनके लिए ‘भारत-माता’ विधवा है। इनके ही एक साथी भारत माता को डायन कहा करते थे।

कांग्रेस नेता द्वारा डिलीट कर दिए जाने के बाद उन्होंने लिखा, कांग्रेस का ये नेता इमरान प्रतापगढया सुना है ये ट्वीट डिलीट करके भाग गया है। लेकिन सिर्फ ट्वीट डिलीट करने के कुछ नहीं होता…’भारत माता’ को विधवा कहने वाला ये दो टके का नेता जब तक माफ़ी न मांगे तब तक इसे छोड़ा न जाए। तमाशा बना लिया है इन लोगों ने,भारत को जब जो मर्ज़ी हो बोल दो।

कांग्रेस नेता के इस ट्वीट पर तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक सोशल मीडिया हैंडल से कमेंट किया गया कि इनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए। भारत माता के प्रति इस तरह का शब्द अच्छा नही है। पत्रकार मनोज रंजन त्रिपाठी ने लिखा, कभी डायन कहा था और अब विधवा बताया है। तुम्हीं सब ने ही मिलकर भारत माता को सताया है। सियासत की है मजबूरी, फ़रक है सोच का प्यारे। हो जिसकी गोद में जन्मे उसने पाला और बढ़ाया है।

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