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“गोरक्षा की बात करने वाले आरएसएस की गौशाला में मरीं सबसे ज्‍यादा गायें, भाजपा नेता संगीत सोम थे बीफ एक्‍सपोर्टर”

कांग्रेसी नेता अजय कुमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मकसद धार्मिक ध्रुवीकरण है, वरना छह हजार गायें राजस्थान की सरकारी गौशाला में नहीं मरतीं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सात प्रतिशत से ज्यादा भारतीय बीफ खाते हैं। (एक्सप्रेस ग्राफिक्स)

कांग्रेस नेता अजय कुमार ने एक टीवी डिबेट में आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा चलाई जाने वाली कानपुर स्थित एक गौशाला में सबसे अधिक गायें मरी थीं। टीवी चैनल न्यूज-18 पर बीफ और गोहत्या पर जुड़ी बहस में अजय कुमार ने उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक संगीत सोम पर “अल दुआ” नामक मीट एक्सपोर्ट कंपनी के मालिक हैं जो खुद को देश का सबसे बड़ा बीफ एक्सपोर्टर बताती है। बहस में मौजूद भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने इस बात का खंडन किया कि केंद्र सरकार ने पूरे देश में गोहत्या पर पाबंदी लगाई है।

अजय कुमार ने जाका जैकब के कार्यक्रम में कहा कि “भारतीय जनता पार्टी का मकसद धार्मिक ध्रुवीकरण है…वरना छह हजार गायें राजस्थान की सरकारी गौशाला में नहीं मरी होतीं…सबसे ज्यादा गायें कानपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गौशाला में हुई हैं…भाजपा नेता संगीत सोम बीफ एक्सपोर्टर कंपनी अल दुआ के मालिक हैं जो खुद को सबसे बड़ा बीफ एक्सपोर्टर बनाती है…बीजेपी के हर जिलाध्यक्ष के बाहर गाय बांध दी जाए तो पता चलेगा कि वो उसके संग कैसा बरताव करते हैं।”

बहस में केंद्र सरकार एक रेगुलेशन जारी करके हत्या के लिए पशुओं की बाजार से खरीदारी पर रोक लगाने को लेकर बहस हो रही थी। बहस में शामिल भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने कहा कि केंद्र सरकार ने ये रेगुलेशन जारी करने से पहले 30 दिनों तक सार्वजनिक टिप्पणी के लिए इसे उपलब्ध कराया था लेकिन तब केवल 13 लोगों ने इस पर अपनी राय दी है। जफर इस्लाम ने कहा कि “केंद्र सरकार का देशव्यापी प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं है…सच ये है कि इस नोटिफिकेशन का मकसद मवेशियों की तस्करी पर रोक लगाना और पशु बाजार को नियमित करना है।

बहस में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार वीर संघवी ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से मीट एक्सपोर्ट और लेदर एक्सपोर्ट को बड़ा झटका लगेगा। संघवी के अनुसार केंद्र सरकार का ये फैसला भारत के संघीय ढांचे के खिलाफ है और भाजपा सरकार बड़े मुद्दों को दबाने के लिए इन मुद्दों को तूल दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के 10 राज्यों में बीफ कानूनन वैध है। इनमें से तीन राज्य भाजपा शासित हैं और एक राज्य में एनडीए में शामिल पार्टी का शासन है। रिपोर्ट के अनुसार साढ़े सात प्रतिशत भारतीय बीफ खाते हैं।

आल इंडिया लाइव स्टॉक एंड मीट एसोसिएशन के डीबी सब्बरवाल ने बहस में बताया कि भारत ने पिछले साल 14 अरब डॉलर का भैंस का मीट निर्यात किया था। वहीं भारत ने 13 अरब डॉलर के लेदर गुड्स का निर्यात किया था। सब्बरवाल ने बताया कि भारत भैंस के मीट का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। सब्बरवाल ने बताया कि भारत में मारे जाने के लिए 97 प्रतिशत भैंस खुले बाजार से खरीदी जाती हैं। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार मवेशियों को मारने के लिए खुले बाजार से नहीं खरीदा जा सकता।

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