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गौतम अडानी की जान बचाई थी, नौकरी देंगे आप?- अग्निवीरों को नौकरी देने के ऐलान पर पूर्व कमांडो ने आनंद महिन्द्रा से पूछा

26 नवंबर 2008 को जब मुंबई स्थित ताज होटल पर हमला हुआ था, तब आतंकियों से लोहा लेने वालों में बुलंदशहर के गांव भटौना निवासी मरीन कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया भी शामिल थे।

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महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा(फाइल फोटो)

अग्निवीर योजना को लेकर पूरे देश में हंगामा हुआ, कई राजनीतिक पार्टियों ने भी योजना का विरोध किया। लोगों का मुख्य सवाल यही था कि चार साल सेना में रहने के बाद वह क्या करेंगे? ऐसे में सरकार ने की संस्थाओं में अग्निवीरों को भर्ती करने की बात कही। इसी बीच आनंद महिंद्रा ने भी अग्निवीरों को अपने कंपनी में नौकरी देने का ऐलान किया है। अब एक पूर्व कमांडो ने आनंद महिन्द्रा से नौकरी देने की मांग की है। 

प्रवीण कुमार तेवतिया नाम के ट्विटर हैंडल से आनंद महिंद्रा को टैग करते हुए लिखा गया कि “मैं 15 साल की सेवा के बाद भी बेरोजगार हूं। यहां तक ​​कि मैंने ताज में 26/11 के दौरान 185 लोगों की जान बचाई, जिसमें गौतम अडानी भी शामिल हैं। क्या आप मुझे अपने ग्रुप में नौकरी देने जा रहे हैं? आनंद महिंद्रा मेरे जैसे कई लोग 15 साल की सेवा के बाद भी बेरोजगार हैं लेकिन आप उन्हें कभी कुछ नहीं देते।”

इससे पहले आनंद महिंद्रा ने कहा था कि “कारपोरेट क्षेत्र में अग्निशामकों के रोजगार की अपार संभावनाएं। नेतृत्व, टीम वर्क और शारीरिक प्रशिक्षण के साथ, अग्निशामक उद्योग को बाजार के लिए तैयार पेशेवर समाधान प्रदान करते हैं, जिसमें संचालन से लेकर प्रशासन और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन तक का पूरा स्पेक्ट्रम शामिल है।”

प्रवीण कुमार तेवतिया ने एक और ट्वीट किया कि “अब देखना, सब चुपचाप मूक दर्शक बनकर देखेंगे। किसी के पास से कोई जवाब नहीं मिलेगा। सब शांत होकर रोज की तरह तमाशबीन हो जायेंगे क्योंकि आनंद महिंद्रा, गौतम अडानी और नरेंद्र मोदी किसी के पास मेरे सवालों का जवाब नही है। जितना मैंने देश के लिए अब तक किया है, देश उसका 1% भी लौटा नहीं पाएगा।”

लोगों की प्रतिक्रियाएं: कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर लिखा कि ‘भारतीय कॉरपोरेट्स को ऐसे बहादुरों को पहचान कर सम्मानपूर्वक शुरुआत करनी चाहिए!’ पत्रकार अमन सिंह ने लिखा कि ‘तथ्य यह है कि किसी ने भी ऐसे अधिकारियों की दुर्दशा पर कभी ध्यान नहीं दिया, जिन्हें सेवा से मुक्त होने के बाद अपनी जीविका कमाने के लिए हर तरह की नौकरी करनी पड़ी है।’

बता दें कि 26 नवंबर 2008 को जब मुंबई स्थित ताज होटल पर हमला हुआ था, तब आतंकियों से लोहा लेने वालों में बुलंदशहर के गांव भटौना निवासी मरीन कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया भी शामिल थे। उन्‍हें चार गोली लगी थी। इसके बाद वह लंबे समय तक अस्पताल में रहे। प्रवीण कुमार तेवतिया को वीर को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।

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