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हार्वर्ड प्रोफेसर का दावा- नारियल तेल ‘जहर’ है, भारतीयों ने बुरी तरह लताड़ा

आम धारणा है कि नारियल का तेल सेहत के लिए लाभदायक होता है। ये शरीर और बालों में लगाने से लेकर रसोईघर में खाना पकाने तक में इस्तेमाल किया जा सकता है।

Author August 24, 2018 10:51 AM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

अमेरिका के जाने-माने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने अनोखा दावा किया है। उन्होंने नारियल तेल को सेहत के लिए खतरनाक बताते इसकी तुलना जहर से की है। जैसे ही ये बात भारत के कुछ लोगों को सोशल मीडिया पर पता लगी, उन्होंने इस पर प्रोफेसर और उनके दावे की जमकर धज्जियां उड़ाईं। डॉक्टर कैरिन मिशेल्स हार्वर्ड के टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रेबर्ग के इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंशन एंड ट्यूमर एपिडेमेलॉजी में डायरेक्टर हैं। ये दावे उन्होंने एक कार्यक्रम में ‘कोकोनट ऑइल एंड अदर न्यूट्रिश्नल एरर्स’ विषय पर चर्चा के दौरान किए।

डॉ.मिशेल्स ने कहा, “हम लोग जो भी खाना खाते हैं, नारियल का तेल उनमें से सबसे बेकार होता है, जिसमें सैचुरेटेड फैटी एसिड्स (वसा) होते हैं। ये शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।” डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स अक्सर सलाह देते हैं कि अधिक वसा वाली चीजों से बचना चाहिए, क्योंकि इनके सेवन से ह्दय रोग सरीखी कई बीमारियां पनप जाती हैं।

बता दें कि आम धारणा है कि नारियल का तेल सेहत के लिए लाभदायक होता है। ये शरीर और बालों में लगाने से लेकर रसोईघर में खाना पकाने तक में इस्तेमाल किया जा सकता है।

गुरुवार (23 अगस्त) को जब यह खबर सोशल मीडिया के जरिए भारतीयों के सामने आई, तो उन्होंने प्रोफेसर और उनके शोध कार्य को जमकर लताड़ा। लोग बोले कि शोध पर यह महज पैसे और समय की बर्बादी है। हम भारतीय खाने-पीने के मामले में हार्वर्ड या किसी अन्य देश के शोध को क्यों मानते हैं?

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