ज्योतिरादित्य सिंधिया से पूछा – आपके पिता भी संभालते थे यही मंत्रालय, कुछ बदला है?केंद्रीय मंत्री ने दिया ऐसा जवाब

आपने मंत्रालय में आने के बाद 100 दिनों का एक प्लान बनाया था। वह अभी कहां तक पहुंचा है? इस पर सिंधिया ने कहा कि मेरे 100 दिन 12 दिसंबर को पूरे होंगे।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया से पूछा – आपके पिता भी संभालते थे यही मंत्रालय, कुछ बदला है?केंद्रीय मंत्री ने दिया ऐसा जवाब (फोटो सोर्स – पीटीआई)

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया न्यूज़ 18 इंडिया के कार्यक्रम ‘चौपाल’ में पहुंचे थे। सिंधिया ने बताया कि किस तरह से वह अपने मंत्रालय के लिए काम कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए कई कामों का जिक्र भी किया। इस शो के दौरान एंकर द्वारा उनसे पूछा गया कि आपके पिता भी यह मंत्रालय संभालते थे? तब से लेकर अब तक में क्या बदलाव हुए हैं?

सिंधिया ने कहा, ” मेरे पिताजी ने 1991 से 1993 तक यह मंत्रालय संभाला था। उस समय भारत में 1 क्लोज स्काई पॉलिसी थी और उन्होंने उस समय ओपन स्काई पॉलिसी निर्मित करके एक बहुत बड़ा परिवर्तन किया था। जिसके आधार पर देश में कई नागर विमानन कंपनियां स्थापित हुई थी, जिसमें से आज भी बहुत सारी अपनी सेवाएं दे रही हैं।”

सिंधिया ने कहा कि मैं समझता हूं कि जब आज मुझे यह कुर्सी मिली है तो 1 तरीके से जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जो मुझ पर भरोसा जताया है। उस भरोसे पर मैं खरा उतरूं इसके लिए प्रयासरत हूं। उन्होंने बताया कि यह समय नागर विमानन क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण है। यह केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में ऐसा ही है। हम भी पिछले 4 महीने में बहुत तीव्र गति से काम किया है।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सिंधिया ने कहा कि हम इस बात का ध्यान दे रहे हैं कि हमारे यात्रियों को अच्छी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि घरेलू विमान में हमने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आपने मंत्रालय में आने के बाद 100 दिनों का एक प्लान बनाया था। वह अभी कहां तक पहुंचा है? इस पर सिंधिया ने कहा कि मेरे 100 दिन 12 दिसंबर को पूरे होंगे।

उन्होंने आगे बताया, ” जब उसका रिपोर्ट कार्ड आएगा तो मैं उसे सबके समक्ष रखूंगा। मैंने उस प्लान को तीन भागों में बांटा था। कई बार उड्डयन मंत्रालय को केवल एयरलाइंस और एयरपोर्ट तक देखा जाता है लेकिन क्षेत्र में पूरा एक इकोसिस्टम बसा हुआ है। जिस तरह हम ऑटो सेक्टर में केवल गाड़ी को देखते हैं और उस पर जो पुर्जे लगते हैं उस पर गौर नहीं करते हैं। ऐसा ही कुछ हम इसके लिए भी सोचते हैं।” गौरतलब है कि इससे पहले ज्योतिरादित्य के पिता माधवराव सिंधिया पीवी नरसिम्हा राव सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री बने थे।

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