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‘चार्ल्स मैकिनतोश’ को गूगल ने डूडल से किया याद, केमिस्ट्री के प्यार में छोड़ दी थी क्लर्क की नौकरी

Charles Macintosh doodle: गुगल आज साइंटिस्ट चार्ल्स मैकिंनतोश का 250वां जन्मदिन मना रहा है। इस मौके पर आज डुडल पर उनकी तस्वीर लगाकर उन्हें सम्मान दिया गया है।

चार्ली मैकिन्टोश का 250वां जन्मदिन मना रहा है डुडल

गुगल आज साइंटिस्ट चार्ल्स मैकिनतोश का 250वां जन्मदिन मना रहा है। इस मौके पर आज डूडल पर उनकी तस्वीर लगाकर उन्हें सम्मान दिया गया है। इन्होंने वॉटरप्रूफ मटिरियल का आविष्कार किया था। डूडल पर दिखाई देने वाली तस्वीर में चार्ल्स मैकिनतोश को खड़े हुए दिखाया गया है और उनके ऊपर बारिश की बूंदें गिर रही हैं।

दुनिया इनको सबसे मशहूर आविष्कार के मैकिनतोश रेनकोट के लिए जानती है। चार्ल्स मैकिनतोश जब ग्लासको में थे तो उस दौरान वह अपना सारा समय केमिस्ट्री को ही समर्पित कर दिया। वह ज्यादातर केमिकल के साथ एक्सपेरिमेंट ही करते रहते थे। अलग— अलग केमिकल के साथ एक्सपेरिंमेंट करने की उनकी आदत ने उन्हें महसूस कराया की नेपथ्या भारत में मिलने वाले टार के साथ आसानी से मिल जाता है।

इन दोनों के मिश्रण को कपड़े के दो टुकड़ों को बीच डालकर एक कपड़ा तैयार किया जा सकता है। चार्ल्स मैकिनतोश को भी महसूस हुआ कि अब वह एक ऐसा कपड़ा बनाने के काबिल हो गए हैं जो पानी में गिला नहीं होगा। जिसको पहने के बाद पानी में गिला होने से बचा जा सकता है। 1823 में चार्ल्स को वॉटरप्रुफ फैब्रिक को पेटेंट करने की मंजूरी मिली थी।

स्कॉटलैंड अचानक होने वाली बारिश के लिए जाना जाता है यह आविष्कार वहां के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था। इससे पहले स्कॉटलैंड में लोग बारिश से बचने के लिए कपड़ों पर तेल का इस्तेमाल करके उन्हें वॉटरप्रुफ बनाते थे। लेकिन यह प्रक्रिया बहुत ही मुश्किल थी इससे कपड़े भारी हो जाते थे और उसमें से महक भी आती थी। वहीं चार्ल्स मैकिन्टोश के इस आविष्कार ने लोगों को ज्यादा आसान विकल्प दिया। जोकि आज अधिकतर प्रोडक्टस में भी इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि 1843 में चार्ल्स मैकिनतोश की मृत्यु हो गई थी।

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